हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
ईरान में जारी संकट: आर्थिक अस्थिरता से राजनीतिक उथल-पुथल तक ईरान में 28 दिसंबर 2025 से शुरू हुई व्यापक विरोध प्रदर्शन अब तीन सप्ताह से अधिक समय तक जारी हैं। यह आंदोलन, जो प्रारंभ में मुद्रा रियाल की अभूतपूर्व गिरावट और आर्थिक संकट के विरुद्ध बाजारों में व्यापारियों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के रूप में उभरा था, अब पूरे देश में राजनीतिक मांगों के साथ एक गहन चुनौती में बदल चुका है। विभिन्न मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई में सैकड़ों से लेकर हजारों तक मौतें हुई हैं, जबकि हजारों लोग गिरफ्तार किए गए हैं। राष्ट्रव्यापी इंटरनेट ब्लैकआउट ने सूचना के प्रवाह को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जिससे स्वतंत्र सत्यापन कठिन हो गया है। आर्थिक संकट की जड़ें और प्रदर्शन का प्रसार ईरान की अर्थव्यवस्था लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों, आंतरिक प्रबंधकीय कमियों और क्षेत्रीय संघर्षों के दबाव में रही है। 2025 में रियाल का मूल्य 80-90 प्रतिशत तक गिरा, जिससे मुद्रास्फीति की दर 40 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई। खाद्यान्न और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि ने आम नागरिकों को ...