भारत की गाजा शांति योजना में भागीदारी: ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में पर्यवेक्षक के रूप में भारत की कूटनीतिक उपस्थिति परिचय वर्ष 2026 में गाजा पट्टी का प्रश्न केवल इजराइल–फिलिस्तीन संघर्ष तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक शक्ति-संतुलन, मानवीय हस्तक्षेप और बहुपक्षीय कूटनीति की परीक्षा बन गया है। ऐसे समय में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा प्रारंभ किया गया ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) एक नई पहल के रूप में सामने आया है, जिसका घोषित उद्देश्य गाजा में युद्धविराम की निगरानी, पुनर्निर्माण, हमास के निरस्त्रीकरण तथा एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण व्यवस्था की स्थापना है। फरवरी 2026 में वाशिंगटन डीसी में आयोजित इस बोर्ड की पहली बैठक में भारत ने पूर्ण सदस्य के बजाय पर्यवेक्षक (Observer) के रूप में भाग लिया। यह निर्णय साधारण कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत की संतुलित और बहुस्तरीय विदेश नीति का प्रतीक है। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पृष्ठभूमि: संयुक्त राष्ट्र से परे एक वैकल्पिक मंच? ट्रंप प्रशासन ने जनवरी 2026 में विश्व आर्थिक मंच (दावोस) के दौरान इस पहल की घोषणा की थी। इसे एक ऐसे मंच के रूप में...
विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद 2026: युवाओं की शक्ति से भारत का उज्ज्वल भविष्य भारत आज केवल जनसंख्या के आकार से नहीं, बल्कि अपनी युवा ऊर्जा से पहचाना जाता है। देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। यही युवा भारत की सबसे बड़ी पूंजी हैं। इसी शक्ति को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से भारत सरकार ने विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद (Viksit Bharat Young Leaders Dialogue – VBYLD) 2026 का आयोजन किया। यह संवाद “विकसित भारत@2047” के स्वप्न को साकार करने की दिशा में युवाओं को नेतृत्व, नवाचार और नीति-निर्माण से जोड़ने का एक ऐतिहासिक प्रयास है। संवाद का उद्देश्य और स्वरूप 9 से 12 जनवरी 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित यह कार्यक्रम राष्ट्रीय युवा महोत्सव का हिस्सा है, जिसका समापन 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती, यानी राष्ट्रीय युवा दिवस पर होता है। इस संवाद की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें देश के कोने-कोने से लाखों युवाओं ने भाग लिया। विभिन्न चरणों में लगभग 50 लाख युवाओं की भागीदारी के बाद करीब 3,000 युवा अंतिम चरण के लिए चुने गए। इस पहल की ...