राजनीति शास्त्र (Polity & Political Science) की तैयारी को बनाएं आसान और सटीक! क्या आप UPSC, State PCS, UGC NET, PGT या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं? सही मार्गदर्शन और बेहतरीन स्टडी मटेरियल के लिए विजिट करें: 🌐 www.politypoint.com Polity Point ही क्यों चुनें? विस्तृत एवं सरल नोट्स: भारतीय संविधान, राजव्यवस्था और राजनीतिक सिद्धांत की आसान भाषा में समझ। परीक्षा-उन्मुख सामग्री: पिछले वर्षों के प्रश्नों (PYQs) का विश्लेषण और ट्रेंड के अनुसार स्टडी मटेरियल। क्विज़ और टेस्ट सीरीज़: अपनी तैयारी का सही आकलन करने के लिए नियमित अभ्यास प्रश्न। करंट अफेयर्स से जुड़ाव: राजव्यवस्था से जुड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का सटीक कवरेज। 🎯 आज ही अपनी सफलता की नींव रखें! अभ्यास शुरू करने और अपनी तैयारी को अगली स्तर पर ले जाने के लिए अभी वेबसाइट पर जाएँ: 👉 www.politypoint.com (स्मार्ट स्टडी करें, सफलता हासिल करें!)
Was Pakistan’s Nuclear Arsenal Under U.S. Control? — Inside the Former CIA Officer’s Explosive Claim
क्या पाकिस्तान का परमाणु नियंत्रण अमेरिका के हाथों में था? — पूर्व CIA अधिकारी के दावे पर गंभीर सवाल प्रस्तावना हाल ही में एक ऐसा बयान सामने आया जिसने पूरे दक्षिण एशिया के रणनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। पूर्व सीआईए अधिकारी जॉन किरियाकौ ने दावा किया कि पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ को अमेरिका ने “लाखों डॉलर देकर खरीदा” और इसके बदले में मुशर्रफ ने पाकिस्तान के परमाणु शस्त्रागार का नियंत्रण वाशिंगटन को सौंप दिया। पहली नज़र में यह दावा उतना ही सनसनीखेज़ लगता है जितना असंभव। परंतु इसे पूरी तरह खारिज करने से पहले यह समझना ज़रूरी है कि अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों की जड़ें कितनी गहरी और कितनी उलझी हुई हैं , खासकर उस दौर में जब “आतंक के खिलाफ युद्ध” का नाम लेकर अमेरिका ने पूरी दुनिया में अपनी पकड़ मज़बूत की थी। अमेरिका-पाकिस्तान: भरोसे और संदेह की साझेदारी अमेरिका और पाकिस्तान का रिश्ता हमेशा एक अजीब विरोधाभास रहा है — एक तरफ साझेदारी और सहायता, दूसरी तरफ गहरा अविश्वास। 11 सितंबर 2001 के बाद जब अमेरिका ने आतंक के खिलाफ वैश्विक युद्ध छेड़ा, तब जनरल परवेज़ मुशर्रफ के ने...