हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
भारत का 'बेबी ब्रह्मोस': ₹2.3 करोड़ में दुनिया का सबसे सस्ता लेकिन सबसे घातक एयर-लॉन्च्ड प्रिसिजन स्ट्राइक हथियार वैश्विक रक्षा बाजार में जहां महंगे हथियारों की होड़ मची हुई है, भारत ने अपनी आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल कायम की है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने पिनाका रॉकेट सिस्टम का एयर-लॉन्च्ड संस्करण विकसित कर लिया है, जिसे 'बेबी ब्रह्मोस' के नाम से जाना जा रहा है। यह न केवल दुनिया का सबसे किफायती प्रिसिजन स्ट्राइक हथियार है, बल्कि अपनी घातक क्षमता से दुश्मनों के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो रहा है। कम लागत में उच्च प्रभाव – यही भारत की इस नवीनतम उपलब्धि का मूल मंत्र है। पिनाका का विकास: ग्राउंड से स्काई तक की उड़ान पिनाका की कहानी 1990 के दशक से शुरू होती है, जब DRDO ने भारतीय सेना के लिए एक मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर (MBRL) सिस्टम विकसित किया। शुरू में इसकी रेंज 40 किलोमीटर थी, लेकिन निरंतर उन्नयन से यह अब 120 किलोमीटर तक की गाइडेड रेंज तक पहुंच चुका है। हाल ही में, DRDO ने इसे एयर-लॉन्च्ड रूप में बदल दिया, जो फाइटर जेट्स जैसे Su-30MKI, LCA तेजस और राफेल से ...