हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
Nobel Prize 2025 in Medicine: Discovery of Peripheral Immune Tolerance Opens New Frontiers in Treatment
2025 का नोबेल पुरस्कार (शारीरिक चिकित्सा): प्रतिरक्षा प्रणाली की नई समझ का सम्मान 6 अक्टूबर 2025 को नोबेल समिति ने शारीरिक चिकित्सा या मेडिसिन के क्षेत्र में 2025 का प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार तीन वैज्ञानिकों — मैरी ई. ब्रंकाउ , फ्रेड राम्सडेल और शिमोन साकागुची — को प्रदान करने की घोषणा की। इन वैज्ञानिकों को यह सम्मान “ परिधीय प्रतिरक्षा सहनशीलता ” (Peripheral Immune Tolerance) की खोज के लिए दिया गया है, जिसने मानव प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) को समझने की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ा है। 🧬 परिधीय प्रतिरक्षा सहनशीलता क्या है? हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली का मुख्य काम है — शरीर को बाहरी खतरों, जैसे कि वायरस, बैक्टीरिया या अन्य रोगजनकों से बचाना। लेकिन यह भी जरूरी है कि यह प्रणाली अपने ही शरीर की कोशिकाओं पर हमला न करे। यहीं से शुरू होती है प्रतिरक्षा सहनशीलता (immune tolerance) — यानी हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली का वह गुण जो “स्वयं” और “पराया” पहचानना सिखाता है। “ परिधीय प्रतिरक्षा सहनशीलता ” शरीर के परिधीय (peripheral) ऊतकों में होती है। यह सुनिश्चित करती है कि यदि कोई टी-क...