अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
President Droupadi Murmu’s Historic Visit to Angola and Botswana: Strengthening India’s Africa Partnership and Global South Leadership
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अंगोला और बोत्सवाना यात्रा: भारत–अफ्रीका साझेदारी का नया अध्याय भूमिका भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की 8 से 13 नवम्बर 2025 तक की अंगोला और बोत्सवाना की छह दिवसीय राजकीय यात्रा भारतीय विदेश नीति के लिए ऐतिहासिक क्षण है। यह किसी भी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की इन दोनों देशों की पहली आधिकारिक यात्रा है, जो भारत की अफ्रीका-केंद्रित नीति के गहरे होते आयामों को रेखांकित करती है। यह यात्रा केवल राजनयिक शिष्टाचार नहीं, बल्कि भारत की ग्लोबल साउथ नेतृत्व की सशक्त अभिव्यक्ति है, जिसमें ऊर्जा, व्यापार, रक्षा, कृषि और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नया आयाम देने की योजना है। भारत–अफ्रीका संबंधों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि भारत और अफ्रीका के बीच संबंध औपनिवेशिक युग से ही समान संघर्ष और साझा आकांक्षाओं पर आधारित रहे हैं। महात्मा गांधी का दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह आंदोलन और नेहरू का 1955 का बांडुंग सम्मेलन में एशिया–अफ्रीका एकजुटता का आह्वान, दोनों महाद्वीपों के बीच वैचारिक निकटता की नींव बने। स्वतंत्रता के बाद भारत ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन और दक्षिण-दक्षि...