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Showing posts with the label PM मोदी की ASEAN Summit 2025 में सांस्कृतिक साझेदारी की अपील

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End of Hereditary Peers in the House of Lords: A Historic Reform in British Parliamentary Democracy

हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...

PM Modi’s Call for Cultural Partnership at ASEAN Summit: Revitalizing India’s Act East Policy

प्रधानमंत्री मोदी की आसियान शिखर सम्मेलन में गहन सांस्कृतिक संबंधों की अपील: एक विश्लेषणात्मक दृष्टि प्रस्तावना आसियान (ASEAN - Association of Southeast Asian Nations) शिखर सम्मेलन केवल आर्थिक या रणनीतिक संवाद का मंच नहीं है, बल्कि यह साझा सभ्यताओं के बीच पुल का कार्य भी करता है। 2025 के आसियान शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभासी संबोधन इसी दृष्टिकोण को सजीव रूप में प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा — “हम केवल व्यापारिक साझेदार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक सहयोगी भी हैं।” यह कथन भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के बीच हजारों वर्षों पुराने ऐतिहासिक, धार्मिक, और सांस्कृतिक संबंधों को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक सशक्त संदेश देता है। मोदी का यह वक्तव्य उस नीति-परिवर्तन का प्रतीक है जो भारत की विदेश नीति को केवल भू-राजनीतिक रणनीति तक सीमित न रखकर सभ्यतागत कूटनीति की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। 1. सांस्कृतिक बंधनों का ऐतिहासिक आधार भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच सांस्कृतिक संपर्क का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। बौद्ध धर्म, हिंदू धर्म, और वैदिक परंपराएँ न केवल धार्मिक रूप...

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