हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
पीएम-कुसुम योजना का वैश्विक प्रदर्शन - एक सकारात्मक कदम केंद्र सरकार द्वारा पीएम-कुसुम (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) योजना को अफ्रीकी देशों और द्वीपीय राष्ट्रों में प्रदर्शित करने की घोषणा एक स्वागत योग्य कदम है। केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने हाल ही में इसकी जानकारी दी, जो भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते नेतृत्व और वैश्विक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल को दर्शाता है। पीएम-कुसुम योजना, जो 2019 में शुरू की गई थी, का उद्देश्य भारतीय किसानों को सौर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना है। इस योजना के तहत, किसानों को सौर पंप स्थापित करने, सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने और बंजर भूमि पर सौर परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देता है। भारत में इस योजना की सफलता ने इसे वैश्विक मंच पर एक आदर्श के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया है। अफ्रीकी देशों और ...