हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
बीमा क्षेत्र में 100% विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI): ‘इंश्योरेंस फॉर ऑल 2047’ की दिशा में निर्णायक कदम 16 December 2025 को लोकसभा ने बीमा कानून (संशोधन) विधेयक, 2025 को पारित कर बीमा क्षेत्र में 100% विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) का मार्ग प्रशस्त किया। इससे पहले बीमा क्षेत्र में FDI की अधिकतम सीमा 74% थी। यह सुधार केंद्र सरकार के दीर्घकालिक विजन “Insurance for All by 2047” का एक अहम स्तंभ है, जिसका उद्देश्य बीमा कवरेज का विस्तार, वित्तीय सुरक्षा को सुदृढ़ करना तथा भारतीय बीमा बाजार को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है। यह कदम भारत की आर्थिक उदारीकरण नीति की निरंतरता को दर्शाता है, जिसमें रणनीतिक क्षेत्रों को नियंत्रित ढंग से वैश्विक पूंजी, तकनीक और प्रबंधकीय दक्षता के लिए खोला जा रहा है। विधेयक की पृष्ठभूमि और प्रमुख प्रावधान भारत में बीमा क्षेत्र का उदारीकरण क्रमिक रहा है। 2021 में FDI सीमा को 49% से बढ़ाकर 74% किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप लगभग ₹82,000 करोड़ का विदेशी निवेश आया। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए अब यह विधेयक विदेशी कंपनियों को भारतीय बीमा कंपनियों में पूर्ण स्व...