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प्रस्तावित पुतिन–ट्रम्प बेरिंग जलडमरूमध्य रेल सुरंग: एक भू-राजनीतिक और आर्थिक विश्लेषण सारांश रूस के RDIF संप्रभु धन कोष के प्रमुख एवं राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निवेश दूत किरिल दिमित्रिएव द्वारा प्रस्तावित बेरिंग जलडमरूमध्य रेल और मालवाहक सुरंग ने वैश्विक भू-राजनीतिक चर्चाओं को नया आयाम दिया है। लगभग 70 मील लंबी और 8 बिलियन डॉलर की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना रूस के चुकोत्का क्षेत्र को अमेरिका के अलास्का राज्य से जोड़ेगी। इसे प्रतीकात्मक रूप से “ पुतिन–ट्रम्प सुरंग ” कहा गया है, जो रूस–अमेरिका संबंधों में संभावित सहयोग और सामरिक मेलजोल का प्रतीक मानी जा रही है। यह लेख इस परियोजना की तकनीकी संभाव्यता , आर्थिक तर्क , और भू-राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण करता है, इसे 19वीं सदी से अब तक चले आ रहे यूरेशिया–अमेरिका कनेक्टिविटी के ऐतिहासिक विचारों की निरंतरता के रूप में देखता है। 1. परिचय बेरिंग जलडमरूमध्य पृथ्वी के उन दुर्लभ भौगोलिक बिंदुओं में से है जो दो महाद्वीपों— यूरेशिया और उत्तर अमेरिका —को जोड़ते हुए, मात्र 82 किमी (51 मील) चौड़ी समुद्री सीमा से अलग ...