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A New Momentum in India-UK Relations: Keir Starmer’s Mumbai Visit and the Dawn of a Strategic Partnership
भारत-यूके संबंधों में नई गति: कीर स्टार्मर की मुंबई यात्रा से उभरता वैश्विक सहयोग का नया युग ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का 8 अक्टूबर 2025 को मुंबई आगमन, भारत-यूके संबंधों के इतिहास में एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा सकता है। यह केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि राजनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक साझेदारी के पुनर्परिभाषित स्वरूप का प्रतीक है। 125 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ स्टार्मर का आगमन यह दर्शाता है कि ब्रिटेन, भारत को अब केवल एक व्यापारिक साझेदार के रूप में नहीं, बल्कि एक रणनीतिक सहयोगी और वैश्विक साझेदारी के स्तंभ के रूप में देख रहा है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और बदलता परिदृश्य भारत और ब्रिटेन का संबंध उपनिवेशी अतीत से लेकर आधुनिक लोकतंत्र की साझी विरासत तक फैला है। 1947 के बाद से दोनों देशों ने “कॉमनवेल्थ” की भावना के तहत कई स्तरों पर सहयोग बनाए रखा। लेकिन पिछले दो दशकों में, यह संबंध औपनिवेशिक छाया से बाहर निकलकर समानता और साझेदारी आधारित संबंधों में परिवर्तित हुआ है। ब्रेक्सिट के बाद ब्रिटेन ने जब यूरोपीय संघ से अलग होकर अपनी वैश्विक व्यापार नीति को ...