मेक्सिको का ड्रग युद्ध: ‘एल मेनचो’ के अंत के बाद अनिश्चित शांति
परिचय
मेक्सिको के लंबे और रक्तरंजित ड्रग युद्ध में 22 फरवरी 2026 की तारीख एक निर्णायक बिंदु के रूप में दर्ज की जाएगी। Nemesio Oseguera Cervantes, जिन्हें ‘एल मेनचो’ के नाम से जाना जाता था, की सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मृत्यु ने देश की आंतरिक सुरक्षा संरचना, राज्य की रणनीति और कार्टेल राजनीति—तीनों को एक नए मोड़ पर ला खड़ा किया है। यह केवल एक कुख्यात सरगना का अंत नहीं, बल्कि उस हिंसक तंत्र की परीक्षा है, जिसने पिछले दशक में मेक्सिको के सामाजिक ताने-बाने को गहराई से प्रभावित किया है।
शक्ति का उदय और भय की राजनीति
Jalisco New Generation Cartel (CJNG) का उदय मेक्सिको के आपराधिक परिदृश्य में असाधारण गति से हुआ। एल मेनचो के नेतृत्व में यह संगठन न केवल फेंटेनिल और मेथमफेटामाइन की तस्करी का प्रमुख केंद्र बना, बल्कि उसने हिंसा को रणनीतिक औजार के रूप में व्यवस्थित ढंग से प्रयोग किया।
CJNG ने अर्ध-सैनिक शैली की संरचना, उन्नत हथियारों और प्रचार-वीडियो के माध्यम से भय की ऐसी राजनीति गढ़ी, जिसने राज्य की क्षमता को खुली चुनौती दी। अमेरिका में एल मेनचो पर 15 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित होना इस बात का संकेत था कि उनका प्रभाव सीमा-पार सुरक्षा विमर्श का भी हिस्सा बन चुका था।
लक्षित अभियान और तात्कालिक परिणाम
जलिस्को राज्य के तापालपा क्षेत्र में खुफिया-आधारित सैन्य कार्रवाई के दौरान एल मेनचो गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। मेक्सिको सरकार ने इसे “रणनीतिक सफलता” बताया।
किन्तु इस सफलता के तुरंत बाद जो परिदृश्य उभरा, वह राज्य की जटिल चुनौती को उजागर करता है। CJNG के समर्थकों और गुटों ने देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रतिक्रिया दी—सड़क अवरोध, आगजनी, और सुरक्षा बलों पर हमले। ग्वादालजारा और अन्य शहरी केंद्रों में जन-जीवन ठहर गया।
यह प्रतिक्रिया इस तथ्य को रेखांकित करती है कि कार्टेल अब केवल अपराध-संगठन नहीं, बल्कि नेटवर्क-आधारित शक्ति-संरचनाएँ हैं, जो नेतृत्व के नुकसान के बावजूद परिचालन क्षमता बनाए रखती हैं।
‘किंगपिन’ रणनीति की सीमाएँ
मेक्सिको की सुरक्षा नीति लंबे समय से तथाकथित “किंगपिन स्ट्रेटेजी” पर आधारित रही है—शीर्ष नेताओं को समाप्त कर संगठन को कमजोर करना। अतीत में Joaquín Guzmán (‘एल चापो’) की गिरफ्तारी को भी ऐसी ही सफलता के रूप में प्रस्तुत किया गया था।
परंतु अनुभव बताता है कि नेतृत्व-विहीन कार्टेल अक्सर विखंडित होकर अधिक अनियंत्रित हिंसा का रूप ले लेते हैं। सत्ता-शून्य उत्तराधिकार संघर्ष को जन्म देता है, और प्रतिद्वंद्वी संगठन—विशेषकर Sinaloa Cartel—क्षेत्रीय वर्चस्व की होड़ में कूद पड़ते हैं। परिणामस्वरूप हिंसा का भौगोलिक विस्तार बढ़ सकता है।
नीति का व्यापक प्रश्न
राष्ट्रपति Claudia Sheinbaum ने अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती और शांति-स्थापना के उपायों की घोषणा की है। किंतु यह क्षण गहरे आत्ममंथन की मांग करता है।
क्या केवल सैन्य बल से संगठित अपराध का स्थायी समाधान संभव है?
ड्रग युद्ध की जड़ें सामाजिक-आर्थिक असमानता, युवाओं के सीमित अवसर, भ्रष्टाचार और सीमा-पार मांग-आपूर्ति संरचना में निहित हैं। जब तक इन संरचनात्मक कारणों पर समन्वित और दीर्घकालिक नीति-हस्तक्षेप नहीं होगा, तब तक एक नेता का अंत दूसरे के उदय को नहीं रोक पाएगा।
अमेरिका-मेक्सिको समीकरण
फेंटेनिल संकट को लेकर अमेरिका में राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। सीमा-पार सहयोग, खुफिया साझेदारी और प्रत्यर्पण समझौते इस साझेदारी के स्तंभ हैं। किंतु यदि सहयोग दबाव की राजनीति में परिवर्तित होता है, तो यह संप्रभुता और आंतरिक नीति-निर्धारण पर तनाव उत्पन्न कर सकता है।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि नशीले पदार्थों की मांग का मूल स्रोत अमेरिकी बाजार है। अतः समाधान केवल आपूर्ति-नियंत्रण से नहीं, बल्कि मांग-नियंत्रण और सार्वजनिक स्वास्थ्य-आधारित दृष्टिकोण से भी जुड़ा है।
आगे की राह
एल मेनचो की मृत्यु प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है। यह राज्य की क्षमता और संकल्प का संदेश देती है। परंतु वास्तविक परीक्षा अब शुरू होती है—
- क्या राज्य उत्तराधिकार-हिंसा को नियंत्रित कर पाएगा?
- क्या संस्थागत सुधार और भ्रष्टाचार-निरोधी तंत्र मजबूत होंगे?
- क्या सामुदायिक विकास और वैकल्पिक आजीविका कार्यक्रम कार्टेल-भर्ती की जमीन को कमजोर कर पाएंगे?
मेक्सिको का अनुभव यह सिखाता है कि संगठित अपराध के विरुद्ध संघर्ष बहुआयामी है। यह केवल सुरक्षा-कार्रवाई नहीं, बल्कि शासन-सुधार, सामाजिक निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संयुक्त प्रक्रिया है।
निष्कर्ष
‘एल मेनचो’ का अंत मेक्सिको के ड्रग युद्ध में एक निर्णायक क्षण है, परंतु यह अंतिम समाधान नहीं। यदि इस अवसर को व्यापक संस्थागत सुधार और सामाजिक पुनर्निर्माण के लिए प्रयुक्त नहीं किया गया, तो हिंसा का चक्र नए रूप में लौट सकता है।
राज्य की स्थिरता केवल शक्ति-प्रदर्शन से नहीं, बल्कि न्याय, अवसर और विश्वसनीय संस्थाओं से सुनिश्चित होती है। मेक्सिको के समक्ष यही ऐतिहासिक चुनौती है—और यही उसका संभावित मार्ग भी।
With Reuters Inputs
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