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Rising Attacks on Hindu Minorities in Bangladesh: Global Silence and Human Rights Concerns

The Silent Genocide: Persecution of Hindus in Bangladesh and the Moral Failure of the Global Community In an age where conflicts in Gaza, Ukraine, and other flashpoints command the world’s attention, a quieter yet deeply disturbing humanitarian crisis continues to unfold next door to India — in Bangladesh. Since the political upheaval and resignation of Prime Minister Sheikh Hasina in August 2024, reports of violence against the Hindu minority have escalated dramatically. Killings, arson attacks, vandalism of temples, forced displacement, economic boycotts, and intimidation have become frighteningly frequent. According to figures cited by Indian authorities, more than 2,200 incidents of violence against Hindus were recorded in 2024 alone , with similar patterns continuing through 2025 and into 2026. Independent reports corroborate these trends: homes torched, idols desecrated, businesses looted, and families compelled to flee ancestral lands. Yet, despite the mounting evidence, the w...

Operation Brahma: India’s Humanitarian Mission in Myanmar Earthquake 2025

ऑपरेशन ब्रह्म: भारत का मानवीय राहत अभियान और क्षेत्रीय नेतृत्व की भूमिका


🔹 भूमिका

मार्च 2025 में म्यांमार में आए 7.2 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने देश को गहरे मानवीय संकट में डाल दिया। इस आपदा में 2000 से अधिक लोग मारे गए, हजारों घायल हुए और लाखों लोग बेघर हो गए। बुनियादी ढांचा ध्वस्त हो गया और प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य, जल और चिकित्सा संकट उत्पन्न हो गया।

भारत ने इस आपदा के जवाब में ऑपरेशन ब्रह्म (Operation Brahma) नामक एक व्यापक मानवीय राहत अभियान शुरू किया। इसके तहत, भारतीय नौसेना (Indian Navy Relief Mission) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने म्यांमार में राहत और बचाव अभियान चलाया। भारत का यह कदम Neighbourhood First Policy (पड़ोसी प्रथम नीति) का परिचायक था, जिसके माध्यम से भारत ने अपनी क्षेत्रीय नेतृत्व क्षमता (India’s Regional Leadership) और मानवीय संवेदनशीलता का प्रदर्शन किया।

Operation Brahma: India’s Humanitarian Mission in Myanmar Earthquake 2025



🔹 म्यांमार भूकंप 2025: तबाही का मंजर

मार्च 2025 में म्यांमार के सगाइंग क्षेत्र में 7.2 तीव्रता का भूकंप (Myanmar Earthquake 2025) आया, जिसने देश के प्रमुख शहरों और ग्रामीण इलाकों को बुरी तरह प्रभावित किया।

1. भूकंप का केंद्र और प्रभाव:

  • केंद्र बिंदु: सगाइंग क्षेत्र।
  • प्रभावित क्षेत्र: यांगून, मांडले, सगाइंग और आसपास के कस्बे।
  • क्षति:
    • 2,000+ लोग मारे गए।
    • हजारों लोग घायल हुए।
    • लाखों लोग बेघर हुए।
    • अस्पताल, स्कूल, सड़कें और बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
    • दूरसंचार व्यवस्था बाधित हो गई।

2. म्यांमार में राहत संकट:
भूकंप के बाद म्यांमार में:

  • खाद्य और जल संकट उत्पन्न हो गया।
  • घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता नहीं मिल पा रही थी।
  • बिजली और संचार ठप होने से राहत अभियान बाधित हो गया।

🔹 ऑपरेशन ब्रह्म: भारत का मानवीय हस्तक्षेप

भारत ने इस भूकंप के बाद त्वरित मानवीय सहायता के लिए ऑपरेशन ब्रह्म (Operation Brahma) चलाया।

1. ऑपरेशन ब्रह्म का उद्देश्य:

  • म्यांमार में त्वरित मानवीय राहत (Humanitarian Relief Operation) पहुँचाना।
  • प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और पुनर्वास अभियान चलाना।
  • आपदा प्रबंधन और पुनर्निर्माण में सहायता करना।

2. राहत सामग्री और संसाधन:
भारत ने म्यांमार को भारी मात्रा में राहत सामग्री (Operation Brahma Relief Materials) भेजी:

  • INS सतपुड़ा और INS सावित्री नामक नौसैनिक जहाजों द्वारा लगभग 40 टन राहत सामग्री पहुँचाई गई।
  • प्रमुख सामग्री:
    • तंबू, कंबल और सौर लैंप।
    • खाद्य पदार्थ (चावल, दाल, सूखा राशन)।
    • जीवन रक्षक दवाइयाँ और प्राथमिक चिकित्सा किट।
    • बिजली जनरेटर और जल शुद्धिकरण इकाइयाँ।

3. बचाव दल की तैनाती:

  • भारत ने 80 विशेषज्ञ बचाव कर्मियों की एक NDRF Rescue Operation टीम म्यांमार भेजी।
  • टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव अभियान चलाया।
  • विशेष उपकरणों के माध्यम से मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया।

4. भारत-म्यांमार समन्वय:

  • भारत ने म्यांमार सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ संवेदनशील समन्वय किया।
  • राहत वितरण और पुनर्निर्माण में भारत की भूमिका प्रभावी रही।

🔹 ऑपरेशन ब्रह्म का महत्व: क्षेत्रीय नेतृत्व और मानवीय सहयोग

ऑपरेशन ब्रह्म न केवल मानवीय राहत का अभियान था, बल्कि भारत की क्षेत्रीय नेतृत्व क्षमता (India’s Regional Leadership) का भी परिचायक था।

📌 1. पड़ोसी प्रथम नीति का प्रभाव:

  • भारत ने Neighbourhood First Policy के तहत म्यांमार को सबसे पहले और सबसे अधिक सहायता दी।
  • संकट के समय सहायता देकर भारत ने सद्भावना और विश्वास का वातावरण तैयार किया।
  • इससे भारत और म्यांमार के बीच राजनयिक संबंधों में मजबूती आई।

📌 2. क्षेत्रीय नेतृत्व की भूमिका:

  • भारत ने दक्षिण एशिया में मानवीय नेतृत्व (South Asia Humanitarian Aid) की मिसाल पेश की।
  • चीन और अन्य शक्तियों के मुकाबले भारत की भूमिका प्रभावी रही।
  • इससे भारत की वैश्विक साख में वृद्धि हुई।

📌 3. मानवीय दृष्टिकोण:

  • भारत ने जातीय, धार्मिक या राजनीतिक भेदभाव के बिना मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता दी।
  • यह अभियान भारत की करुणा और संवेदनशीलता का प्रतीक बना।

🔹 भारत की रणनीतिक सफलता

ऑपरेशन ब्रह्म भारत की कूटनीतिक और रणनीतिक सफलता भी थी।

1. रणनीतिक संदेश:

  • भारत ने दक्षिण एशियाई नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया।
  • यह अभियान भारत की विदेश नीति (Indian Foreign Policy 2025) को प्रभावी बनाने वाला कदम था।

2. विदेश नीति में मजबूती:

  • इस अभियान ने भारत और म्यांमार के संबंधों को और अधिक मजबूत किया।
  • भारत की "वसुधैव कुटुंबकम" की भावना का प्रदर्शन हुआ।

3. मानवीय सहायता और विश्वास निर्माण:

  • भारत की त्वरित सहायता से म्यांमार में विश्वास और सद्भावना का माहौल बना।
  • इससे भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा मिली।

🔹 चुनौतियाँ और सीख

हालांकि ऑपरेशन ब्रह्म सफल रहा, फिर भी भारत को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा:

  • भौगोलिक बाधाएँ: म्यांमार के दुर्गम स्थानों में राहत सामग्री पहुँचाना चुनौतीपूर्ण था।
  • राजनीतिक अस्थिरता: म्यांमार की राजनीतिक अस्थिरता के कारण राहत कार्य बाधित हुआ।
  • लॉजिस्टिक सीमाएँ: सीमित संसाधनों के कारण राहत अभियान में समन्वय चुनौतीपूर्ण रहा।

सीख:

  • भारत को भविष्य में राहत अभियान के लिए पूर्व-योजना को और मजबूत करना होगा।
  • लॉजिस्टिक्स और संचार व्यवस्था को बेहतर बनाने की आवश्यकता है।

🔹 वैश्विक प्रतिक्रिया और प्रशंसा

भारत के इस त्वरित और प्रभावी अभियान की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई:

  • संयुक्त राष्ट्र (UN) और ASEAN और भारत सहयोग ने भारत के प्रयासों की प्रशंसा की।
  • म्यांमार सरकार ने भारत को आधिकारिक धन्यवाद पत्र भेजा।
  • इस अभियान ने भारत की वैश्विक छवि को सकारात्मक रूप से मजबूत किया

🔹 निष्कर्ष

ऑपरेशन ब्रह्म भारत की मानवीय प्रतिबद्धता, कूटनीतिक नेतृत्व और पड़ोसी सहायता नीति का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस अभियान ने न केवल म्यांमार को राहत प्रदान की, बल्कि भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता और संवेदनशीलता को भी प्रदर्शित किया।

✅ यह अभियान भारत की "वसुधैव कुटुंबकम" की भावना का प्रतीक है, जो आपदा के समय सहयोग और करुणा का संदेश देता है।
✅ भविष्य में भारत की इस भूमिका से वैश्विक मंच पर उसकी साख और अधिक मजबूत होगी।


ऑपरेशन ब्रह्म से संबंधित लेख मुख्य रूप से UPSC GS (General Studies) पेपर-II और पेपर-III से संबंधित है।


1. GS Paper-II: शासन, विदेश नीति और अंतर्राष्ट्रीय संबंध (Governance, International Relations)

इस लेख का बड़ा भाग भारत-म्यांमार संबंधों, विदेश नीति, और क्षेत्रीय नेतृत्व से जुड़ा है, जो GS Paper-II के लिए महत्वपूर्ण है।

📌 प्रमुख टॉपिक्स:

  • भारत की विदेश नीति: ऑपरेशन ब्रह्म भारत की Neighbourhood First Policy का हिस्सा है, जिससे भारत और म्यांमार के संबंध मजबूत हुए।
  • भारत-आसियान संबंध: ऑपरेशन ब्रह्म के माध्यम से भारत ने ASEAN देशों के साथ सहयोग को मजबूत किया।
  • कूटनीतिक संबंध और मानवीय सहायता: लेख में भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता और मानवीय दृष्टिकोण पर चर्चा की गई है।
  • अंतरराष्ट्रीय संगठन और सहयोग: लेख में संयुक्त राष्ट्र (UN) और आसियान (ASEAN) द्वारा भारत के प्रयासों की सराहना का उल्लेख है।

📚 UPSC सिलेबस से संबद्ध टॉपिक:

  • द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूहों और समझौतों में भारत की भूमिका।
  • पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंध।
  • विदेश नीति में मानवीय सहायता और कूटनीति।

2. GS Paper-III: आपदा प्रबंधन, सुरक्षा और प्रौद्योगिकी (Disaster Management, Security & Technology)

यह लेख आपदा प्रबंधन (Disaster Management) और भारत की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता पर केंद्रित है, जो GS Paper-III के लिए प्रासंगिक है।

📌 प्रमुख टॉपिक्स:

  • आपदा और संकट प्रतिक्रिया: ऑपरेशन ब्रह्म भारत का प्राकृतिक आपदा में मानवीय सहायता अभियान है।
  • भारत का आपदा प्रबंधन तंत्र: लेख में NDRF (National Disaster Response Force) और भारतीय नौसेना की भूमिका का विवरण है।
  • मानवीय सहायता और पुनर्वास: राहत सामग्री, बचाव अभियान और पुनर्निर्माण कार्यों का वर्णन किया गया है।
  • दक्षिण एशिया में आपदा प्रबंधन में भारत की भूमिका: लेख में भारत की क्षेत्रीय नेतृत्व क्षमता का उल्लेख है।

📚 UPSC सिलेबस से संबद्ध टॉपिक:

  • आपदा और उसके प्रबंधन।
  • सुरक्षा बलों और एजेंसियों का आपदा प्रतिक्रिया में योगदान।
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी का आपदा प्रबंधन में उपयोग।

➤ प्रीलिम्स (Prelims) में संभावित सवाल:

  1. ऑपरेशन ब्रह्म किस देश से जुड़ा है?

    • (A) नेपाल
    • (B) म्यांमार ✅
    • (C) श्रीलंका
    • (D) बांग्लादेश
  2. ऑपरेशन ब्रह्म के तहत किस एजेंसी ने बचाव कार्य किया?

    • (A) NIA
    • (B) DRDO
    • (C) NDRF ✅
    • (D) RAW

➤ मुख्य परीक्षा (Mains) में संभावित प्रश्न:

  1. "ऑपरेशन ब्रह्म म्यांमार में भारत की मानवीय सहायता और क्षेत्रीय नेतृत्व का प्रतीक है।" इस कथन का विश्लेषण कीजिए।
  2. "भारत की पड़ोसी प्रथम नीति (Neighbourhood First Policy) आपदा प्रबंधन में कितनी प्रभावी है?" ऑपरेशन ब्रह्म के संदर्भ में चर्चा कीजिए।
  3. "आपदा प्रबंधन में भारत की भूमिका वैश्विक स्तर पर उसकी साख को कैसे प्रभावित करती है?" ऑपरेशन ब्रह्म का उदाहरण देते हुए स्पष्ट कीजिए।

निष्कर्ष:
यह लेख UPSC GS Paper-II (अंतर्राष्ट्रीय संबंध) और GS Paper-III (आपदा प्रबंधन) दोनों के लिए अत्यंत उपयोगी है। साथ ही, इसमें प्रीलिम्स और मेन्स परीक्षा दोनों के लिए संभावित प्रश्न तैयार किए जा सकते हैं।


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✍️ARVIND SINGH PK REWA

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