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Polity Point By Arvind Singh PK Rewa

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Analyze China’s hydropower project on the Brahmaputra River in the context of water diplomacy and India-China relations

ब्रह्मपुत्र पर संकट की आहट : चीन के बांध से पूर्वोत्तर भारत की चुनौती

चीन द्वारा तिब्बत में यारलुंग त्संगपो नदी पर प्रस्तावित जलविद्युत परियोजना न केवल विश्व की सबसे बड़ी बांध परियोजना बनने जा रही है, बल्कि यह भारत, विशेषकर पूर्वोत्तर राज्यों के लिए गहन चिंता का विषय भी बन गई है। 60,000 मेगावाट की अनुमानित क्षमता वाला यह बांध चीन के शक्ति प्रदर्शन का प्रतीक हो सकता है, किंतु इसके साए में भारत की पारिस्थितिकी, आर्थिक स्थिरता और रणनीतिक संतुलन पर गंभीर खतरे मंडरा रहे हैं।

पानी की राजनीति और संभावित विनाश

ब्रह्मपुत्र भारत की प्रमुख नदियों में से एक है, जो असम और अरुणाचल प्रदेश की जीवनरेखा है। इस नदी पर चीन की जल-नियंत्रण क्षमता एक प्रकार का जल-हथियार (Water Weapon) बन सकती है। मानसून में यदि चीन अत्यधिक पानी छोड़ता है, तो पूर्वोत्तर में बाढ़ से तबाही मच सकती है, वहीं सूखे के समय पानी रोकना कृषि संकट और जल संकट को जन्म दे सकता है। असम जैसे कृषि-प्रधान राज्य के लिए यह दोहरी मार होगी।

पर्यावरणीय असंतुलन की चेतावनी

यह परियोजना न केवल मानव जीवन पर प्रभाव डालेगी, बल्कि प्रकृति पर भी गंभीर आघात करेगी। नदी के प्रवाह में बदलाव से मछलियों की प्रजातियों, जलचर जीवों, वनों और खेतों पर असर पड़ेगा। तलछट के प्रवाह में बाधा आने से मिट्टी की उर्वरता में गिरावट आएगी, जिससे असम का पारंपरिक कृषि तंत्र प्रभावित होगा। इसके अलावा, यह क्षेत्र भूकंप-संवेदनशील है, जिससे बांध के टूटने की आशंका एक स्थायी खतरा बनी रहेगी।

रणनीतिक असंतुलन की संभावना

यह परियोजना केवल पर्यावरण या संसाधन का प्रश्न नहीं है, बल्कि एक सामरिक चुनौती भी है। पूर्वोत्तर भारत का "चिकन नेक" क्षेत्र भारत की सुरक्षा दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। यदि चीन इस क्षेत्र में जल नियंत्रण के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति को जन्म देता है, तो भारत की सुरक्षा नीति को भारी दबाव का सामना करना पड़ सकता है।

भारत की भूमिका और उत्तरदायित्व

भारत ने इस परियोजना पर चीन से कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जरूर की है, लेकिन अब समय आ गया है जब भारत को बहुपक्षीय मंचों जैसे संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, और एससीओ आदि में इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाना चाहिए। इसके साथ ही, अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित 10 गीगावाट परियोजना पर भी संतुलित दृष्टिकोण अपनाना होगा, ताकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी कर सके बिना पारिस्थितिकी को खतरे में डाले।

समापन विचार

चीन का यह बांध एक तकनीकी उपलब्धि भले ही हो, लेकिन इसके पीछे की भू-राजनीतिक रणनीति भारत के लिए चेतावनी है। ब्रह्मपुत्र जैसी अंतरराष्ट्रीय नदी को लेकर एकतरफा निर्णय विश्व में जल-संप्रभुता के सिद्धांत को चुनौती देता है। भारत को इस चुनौती का उत्तर केवल तकनीक और कूटनीति से ही नहीं, बल्कि वैश्विक जनमत और जल-संरक्षण के अपने उदाहरणों से देना होगा। यदि समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिए गए, तो इसका खामियाजा आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ सकता है।

यह विषय UPSC Mains – General Studies Paper II और Paper III दोनों से सीधा संबंधित है, और इसमें अंतर्राष्ट्रीय संबंध, पर्यावरण, सुरक्षा, और संसाधन प्रबंधन जैसे कई आयाम शामिल हैं। नीचे देखिए कि यह विषय UPSC के किन टॉपिक्स से कैसे जुड़ता है:


1. General Studies Paper II (Governance, Polity, International Relations):

अंतर्राष्ट्रीय संबंध (International Relations):

  • भारत-चीन संबंधों में जल कूटनीति (Water Diplomacy) एक संवेदनशील मुद्दा है।
  • यह मुद्दा सीमा पार नदियों के जल बंटवारे, आपसी विश्वास, और सहयोग/विरोध के स्वरूप को दर्शाता है।
  • इस पर प्रश्न आ सकता है जैसे:
    "Discuss the strategic implications of China’s hydropower projects on transboundary rivers for India."

भारत की विदेश नीति और कूटनीति (India’s Foreign Policy and Diplomacy):

  • भारत द्वारा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को कैसे उठाया जाए, यह एक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
  • भारत की प्रतिक्रिया, बातचीत और प्रोजेक्ट प्लानिंग कूटनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।

2. General Studies Paper III (Technology, Environment, Security, Disaster Management):

पर्यावरणीय चिंताएं (Environmental Issues):

  • जल परियोजनाओं से पारिस्थितिक तंत्र पर प्रभाव, जैव विविधता की हानि, तलछट प्रवाह में कमी जैसे विषय सीधे पर्यावरण सेक्शन से जुड़ते हैं।
  • प्रश्न उदाहरण:
    "Examine the environmental consequences of transboundary river dam projects in the Eastern Himalayan region."

आपदा प्रबंधन और सुरक्षा (Disaster Management and Security):

  • भूकंप संभावित क्षेत्र में बांध बनना, फ्लड/ड्राउट की संभावना, "वॉटर बम" जैसी रणनीतिक आशंकाएँ – ये सब सुरक्षा व आपदा प्रबंधन के क्षेत्र से जुड़ी हैं।
  • यह Internal Security & Border Management के संदर्भ में भी पूछा जा सकता है।

प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन (Resource Management):

  • जल एक महत्वपूर्ण संसाधन है, और उस पर नियंत्रण भू-राजनीति का हिस्सा बन चुका है।
  • यह विषय भारत की जल नीति, संसाधन साझेदारी और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों से भी संबंधित है।

UPSC में संभावित प्रश्नों के उदाहरण:

  1. "Critically examine the implications of China’s proposed dam on the Yarlung Tsangpo river for India’s environmental and water security."
  2. "How do transboundary river projects by neighbouring countries affect India’s internal security and diplomatic strategy?"
  3. "Evaluate India’s preparedness to deal with upstream water control by China in the context of Brahmaputra river."

यह टॉपिक बहुत समृद्ध और बहुआयामी है, इसलिए UPSC Mains के लिए इससे जुड़े कई संभावित प्रश्न बन सकते हैं – थीम आधारित, विश्लेषणात्मक और समसामयिक संदर्भों में। नीचे कुछ संभावित प्रश्न दिए गए हैं, जो GS Paper II और III दोनों में पूछे जा सकते हैं:


GS Paper II – अंतर्राष्ट्रीय संबंध / गवर्नेंस

  1. "भारत-चीन संबंधों की पृष्ठभूमि में ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन के जलविद्युत प्रोजेक्ट को जल कूटनीति के संदर्भ में विश्लेषित कीजिए।"

  2. "भारत की सीमापार नदियों की नीति (Transboundary River Policy) की सीमाएं और संभावनाएं बताइए।"

  3. "भारत के लिए जल सुरक्षा (Water Security) एक उभरती हुई कूटनीतिक चुनौती बनती जा रही है। स्पष्ट कीजिए।"

  4. "ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन द्वारा प्रस्तावित बांध परियोजना भारत की क्षेत्रीय अखंडता और कूटनीतिक नीति को कैसे प्रभावित करती है?"


GS Paper III – पर्यावरण, आपदा प्रबंधन, सुरक्षा

  1. "पूर्वोत्तर भारत में पारिस्थितिकी और आजीविका पर ब्रह्मपुत्र नदी के प्रवाह में संभावित परिवर्तन के प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।"

  2. "हिमालयी क्षेत्र में बड़े बांधों के निर्माण की पर्यावरणीय और भूकंपीय दृष्टि से समीक्षा कीजिए।"

  3. "ब्रह्मपुत्र नदी पर जलविद्युत परियोजनाएं – भारत के लिए अवसर बनाम चुनौती। चर्चा कीजिए।"

  4. "भारत के पूर्वोत्तर में जल आधारित आपदाओं (बाढ़ और सूखा) के जोखिमों को चीन की जल नीति के संदर्भ में समझाइए।"

  5. "Explain the term 'Water Weapon'. How does China's dam on the Yarlung Tsangpo pose a threat to India’s national security?"

  6. "Critically assess India's disaster preparedness in the light of transboundary water threats emerging from China."




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✍️ARVIND SINGH PK REWA

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