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Rising Attacks on Hindu Minorities in Bangladesh: Global Silence and Human Rights Concerns

The Silent Genocide: Persecution of Hindus in Bangladesh and the Moral Failure of the Global Community In an age where conflicts in Gaza, Ukraine, and other flashpoints command the world’s attention, a quieter yet deeply disturbing humanitarian crisis continues to unfold next door to India — in Bangladesh. Since the political upheaval and resignation of Prime Minister Sheikh Hasina in August 2024, reports of violence against the Hindu minority have escalated dramatically. Killings, arson attacks, vandalism of temples, forced displacement, economic boycotts, and intimidation have become frighteningly frequent. According to figures cited by Indian authorities, more than 2,200 incidents of violence against Hindus were recorded in 2024 alone , with similar patterns continuing through 2025 and into 2026. Independent reports corroborate these trends: homes torched, idols desecrated, businesses looted, and families compelled to flee ancestral lands. Yet, despite the mounting evidence, the w...

08 April 2025 Current Affairs in Hindi

UPSC Mains के GS Paper 2 और GS Paper 3 से जुड़े समसामयिकी प्रश्नोत्तर


प्रश्न 1:

"बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ" योजना के परिणामस्वरूप जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार देखा गया है। इस योजना की सफलता का मूल्यांकन कीजिए।
(Evaluate the success of the 'Beti Bachao Beti Padhao' scheme in the light of recent improvement in sex ratio at birth.)


मॉडल उत्तर:

परिचय:

‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ (BBBP) योजना की शुरुआत 22 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरियाणा के पानीपत से की गई थी। इसका उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा को बढ़ावा देना था। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का जन्म के समय लिंगानुपात (Sex Ratio at Birth - SRB) 2023-24 में बढ़कर 930 हो गया है, जो योजना की प्रभावशीलता को दर्शाता है।


योजना के प्रमुख उद्देश्य:

  1. लिंग चयन के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाना।
  2. बालिकाओं के जन्म और शिक्षा को प्रोत्साहित करना।
  3. प्रशासनिक तंत्र के माध्यम से जमीनी स्तर पर सुधार लाना।

सफलता के संकेत:

  1. SRB में सुधार: योजना के शुरू होते समय SRB 918 था, जो अब 930 हो गया है।
  2. जन-जागरूकता अभियान: “सेल्फी विद डॉटर”, “बेटी के लिए बैकिंग” जैसी पहलें समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने में सफल रहीं।
  3. शिक्षा में सुधार: माध्यमिक स्तर पर बालिकाओं का नामांकन 78% तक पहुँच गया है (2023-24)।
  4. स्थानीय भागीदारी: पंचायत स्तर तक पहुँच, विशेषकर हरियाणा, पंजाब जैसे राज्यों में सफल क्रियान्वयन।

चुनौतियाँ:

  1. लिंग चयन अभी भी जारी: कुछ क्षेत्रों में भ्रूण लिंग परीक्षण अब भी गुप्त रूप से होता है।
  2. फंड के उपयोग में असमानता: CAG की रिपोर्ट में बताया गया कि आवंटित राशि का एक बड़ा भाग प्रचार-प्रसार में खर्च हुआ।
  3. राज्यवार असमान प्रगति: दक्षिण राज्यों की तुलना में उत्तर भारत में प्रगति धीमी रही है।

मार्ग आगे का:

  • योजनाओं का जमीनी मूल्यांकन ज़रूरी है।
  • स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के समन्वय को और मज़बूत करना चाहिए।
  • लड़कियों की शिक्षा व पोषण पर अधिक ध्यान।
  • सामाजिक मान्यताओं में परिवर्तन हेतु सतत संवाद अभियान चलाना।

निष्कर्ष:

‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हालांकि इसमें अभी भी चुनौतियाँ हैं, लेकिन हालिया आँकड़े यह सिद्ध करते हैं कि यह योजना भारत में सामाजिक सोच में बदलाव लाने में एक मजबूत माध्यम बन रही है। यदि इसे सतत और निगरानीपूर्ण तरीके से लागू किया जाए तो यह लिंग समानता की दिशा में क्रांतिकारी भूमिका निभा सकती है।


प्रश्न 2:

"जीवनजोत परियोजना" जैसी योजनाएं बाल अधिकारों की रक्षा में क्या भूमिका निभा सकती हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

परिचय:

बाल अधिकारों की सुरक्षा भारत के संविधान, UNCRC (United Nations Convention on the Rights of the Child), और बाल नीति 2013 के तहत एक संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है। “जीवनजोत परियोजना” पंजाब सरकार की एक पहल है, जिसके तहत 2024 से अब तक 268 बच्चों को भीख मांगने से बचाया गया है।

मुख्य भूमिका:

  1. बाल शोषण से रक्षा: यह परियोजना बच्चों को भीख, बाल श्रम और तस्करी से बचाने में मदद करती है।
  2. पुनर्वास और शिक्षा: बचाए गए बच्चों को पुनर्वास केंद्र, विद्यालय और बालगृहों में भेजा जाता है।
  3. स्थानीय प्रशासन की भागीदारी: जिला प्रशासन, पुलिस और NGOs की भागीदारी से निगरानी और बचाव कार्य तेज होता है।
  4. जागरूकता: समाज में बाल भिक्षावृत्ति को अपराध के रूप में देखने की दृष्टि विकसित होती है।

निष्कर्ष:

इस तरह की परियोजनाएं न केवल बाल अधिकारों की रक्षा करती हैं, बल्कि समावेशी विकास का आधार भी बनती हैं। यदि पूरे देश में इस मॉडल को अपनाया जाए, तो हम बाल संरक्षण में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कर सकते हैं।


प्रश्न 3:

हाल ही में अमेरिका द्वारा सभी आयातों पर टैरिफ लगाए जाने से वैश्विक व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ेगा? भारत के लिए इसके संभावित प्रभावों पर चर्चा कीजिए।

उत्तर:

परिचय:

2025 में अमेरिका ने सभी आयातों पर 10% टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जिससे WTO के मुक्त व्यापार सिद्धांतों को झटका लगा है।

वैश्विक प्रभाव:

  1. मल्टीलेटरल सिस्टम पर खतरा: WTO की भूमिका कमज़ोर होगी।
  2. विकासशील देशों पर असर: निर्यातक देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा।
  3. ट्रेड वॉर की संभावना: चीन, EU जैसे देश जवाबी टैरिफ लगा सकते हैं।

भारत पर प्रभाव:

  1. IT और टेक्सटाइल निर्यात प्रभावित: अमेरिकी बाजार में महंगी भारतीय वस्तुएं प्रतिस्पर्धा में पिछड़ सकती हैं।
  2. FPI और निवेश घट सकता है: विदेशी निवेशक अस्थिर व्यापार माहौल में सतर्क हो जाते हैं।
  3. नवीन अवसर: भारत वैकल्पिक बाजार जैसे अफ्रीका, लैटिन अमेरिका की ओर झुक सकता है।

निष्कर्ष:

भारत को अपने व्यापारिक रणनीति में विविधता लानी होगी, FTAs को मजबूती देनी होगी, और घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन देना होगा।


प्रश्न 4:

हालिया अमेरिकी और सऊदी वीज़ा नीतियों के संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय संबंधों में उभरते रुझानों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर:

परिचय:

अमेरिका द्वारा दक्षिण सूडान और सऊदी अरब द्वारा भारत, पाकिस्तान समेत 14 देशों पर वीज़ा प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।

उभरते रुझान:

  1. राष्ट्रीय सुरक्षा वर्चस्व: वीज़ा नीतियां सुरक्षा, राजनीतिक और आर्थिक हितों से प्रेरित होती हैं।
  2. प्रतिबंध आधारित कूटनीति: बिना युद्ध के दबाव बनाने का माध्यम बन रही हैं।
  3. ग्लोबल मूवमेंट में अवरोध: यह प्रवासी कामगारों और छात्रों के हितों को प्रभावित करता है।

भारत पर प्रभाव:

  1. प्रवासी भारतीयों की चुनौतियाँ बढ़ेंगी।
  2. दोतरफा संवाद की आवश्यकता: कूटनीतिक स्तर पर पारदर्शी संवाद ज़रूरी होगा।

निष्कर्ष:

भारत को अपने नागरिकों की सुरक्षा और प्रवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए proactive diplomacy को अपनाना चाहिए।


प्रश्न 5:

भारत में ग्रामीण महिलाओं की बढ़ती श्रम भागीदारी को महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में कैसे देखा जा सकता है?

उत्तर:

परिचय:

2023-24 में ग्रामीण महिलाओं की श्रम भागीदारी दर 47.6% हो गई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है।

महिला सशक्तिकरण के संकेत:

  1. आर्थिक स्वतंत्रता: महिलाएं घरेलू सीमाओं से बाहर आकर आर्थिक निर्णयों में भाग ले रही हैं।
  2. स्वरोज़गार की प्रवृत्ति: स्वयं सहायता समूह (SHGs), कृषि आधारित उद्योगों में भागीदारी बढ़ी है।
  3. शिक्षा और कौशल: स्किल इंडिया, महिला उद्यमिता योजनाओं ने यह परिवर्तन संभव किया।

चुनौतियाँ:

  • श्रमिक अधिकारों की जानकारी की कमी।
  • लैंगिक वेतन असमानता।
  • सामाजिक पूर्वाग्रह।

निष्कर्ष:

यह बदलाव महिला सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक है, लेकिन इसे स्थायी बनाने के लिए नीति, संरचना और समाज में व्यापक सुधार आवश्यक हैं।


प्रश्न 6:

भारत के बढ़ते स्वर्ण भंडार को अर्थव्यवस्था की स्थिरता और निवेश के संदर्भ में कैसे देखा जा सकता है?

उत्तर:

परिचय:

वर्तमान में भारत का स्वर्ण भंडार $77 बिलियन से अधिक हो गया है, जो विदेशी मुद्रा भंडार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

अर्थव्यवस्था पर प्रभाव:

  1. मुद्रास्फीति नियंत्रण: स्वर्ण भंडार विदेशी मुद्रा दबाव को कम करता है।
  2. निवेशकों में विश्वास: रिज़र्व की अधिकता से क्रेडिट रेटिंग में सुधार होता है।
  3. ब्याज दर पर नियंत्रण: डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिरता बढ़ती है।

निष्कर्ष:

स्वर्ण भंडार आर्थिक संकट में "सुरक्षित संपत्ति" का काम करता है। भारत को इसे संतुलित तरीके से बढ़ाते रहना चाहिए।


प्रश्न 7:

IMF में RBI की स्थिति में गिरावट भारतीय आर्थिक नीति को किस प्रकार प्रभावित कर सकती है?

उत्तर:

परिचय:

2025 में RBI की IMF में स्थिति $16 मिलियन घटकर $4.41 बिलियन हो गई है। यह SDR (Special Drawing Rights) और योगदान से संबंधित है।

प्रभाव:

  1. अंतरराष्ट्रीय प्रभाव घटेगा।
  2. SDR आवंटन में कमी हो सकती है।
  3. आर्थिक कूटनीति कमजोर हो सकती है।

निष्कर्ष:

हालांकि यह गिरावट बहुत गंभीर नहीं है, लेकिन भारत को IMF जैसी संस्थाओं में अपनी वित्तीय भागीदारी बनाए रखना आवश्यक है।


प्रश्न 8:

माध्यमिक शिक्षा में बालिकाओं के नामांकन में वृद्धि शिक्षा नीति की सफलता को कैसे दर्शाती है?

उत्तर:

परिचय:

2023-24 में माध्यमिक स्तर पर बालिकाओं का सकल नामांकन अनुपात 78% हो गया है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप है।

कारण:

  1. Beti Bachao Beti Padhao, KGBV, NPEGEL जैसी योजनाओं का योगदान।
  2. सरकारी छात्रवृत्तियाँ और साइकल वितरण योजनाएं।
  3. सामाजिक जागरूकता में वृद्धि।

निष्कर्ष:

यह आंकड़ा शिक्षा में लैंगिक समानता की ओर एक सकारात्मक संकेत है। इसे उच्च शिक्षा और कौशल विकास तक विस्तारित करना होगा।


प्रश्न 9:

दिल्ली मेट्रो द्वारा शुरू किया जाने वाला 3-कोच ट्रेन कॉरिडोर शहरी परिवहन व्यवस्था में किस प्रकार का नवाचार प्रस्तुत करता है?

उत्तर:

परिचय:

दिल्ली मेट्रो ने छोटी दूरी की यात्रा हेतु भारत का पहला 3-कोच ट्रेन कॉरिडोर लाने की घोषणा की है – यह शहरी परिवहन का एक किफायती और लचीला मॉडल होगा।

नवाचार के पहलू:

  1. कम भीड़ और तीव्र आवागमन क्षेत्रों में उपयुक्त।
  2. ऊर्जा और लागत की बचत।
  3. नई तकनीक – स्वचालित नियंत्रण और AI-आधारित निगरानी।

निष्कर्ष:

यह पहल शहरी गतिशीलता में अभिनव बदलाव का संकेत है, जिसे अन्य शहरों में भी अपनाया जा सकता है।


प्रश्न 10:

रेत कला जैसे पारंपरिक भारतीय कला रूपों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त करना सांस्कृतिक कूटनीति के संदर्भ में कितना महत्वपूर्ण है?

उत्तर:

परिचय:

सुदर्शन पटनायक को ‘Fred Darington Sand Master’ पुरस्कार मिलना भारतीय रेत कला की वैश्विक पहचान का प्रतीक है।

महत्त्व:

  1. Soft Power को बढ़ावा: भारत की सांस्कृतिक छवि मजबूत होती है।
  2. पर्यटन और हस्तशिल्प को बढ़ावा।
  3. लोक कलाकारों को वैश्विक मंच मिलता है।

निष्कर्ष:

सांस्कृतिक कूटनीति के रूप में यह भारत की सृजनात्मक शक्ति को वैश्विक पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम है।


UPSC Prelims के GS Paper से जुड़े समसामयिकी प्रश्नोत्तर


1. हाल ही में अमेरिका ने किस देश के सभी पासपोर्ट धारकों का वीज़ा रद्द किया है?

Which country's passport holders' visas were recently cancelled by the USA?
उत्तर: दक्षिण सूडान (South Sudan)


2. 'Fred Darington Sand Master' पुरस्कार से किस भारतीय कलाकार को सम्मानित किया गया है?

Which Indian artist has been awarded the 'Fred Darington Sand Master' award?
उत्तर: सुदर्शन पटनायक (Sudarshan Patnaik)


3. IMF में RBI की वर्तमान स्थिति कितनी है?

What is the current position of RBI with the IMF?
उत्तर: 4.41 बिलियन डॉलर


4. ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के चलते 2023-24 में राष्ट्रीय लिंगानुपात कितना हो गया है?

What is the national sex ratio at birth in 2023-24 due to the Beti Bachao Beti Padhao scheme?
उत्तर: 930


5. “विश्व स्वास्थ्य दिवस” प्रतिवर्ष कब मनाया जाता है?

When is “World Health Day” celebrated every year?
उत्तर: 7 अप्रैल (7th April)


6. वर्तमान में भारत का स्वर्ण भंडार कितना है?

What is India's current gold reserve?
उत्तर: 77 बिलियन डॉलर से अधिक


7. माध्यमिक स्तर पर लड़कियों का सकल नामांकन अनुपात 2023-24 में कितना हो गया है?

What is the gross enrolment ratio of girls at the secondary level in 2023-24?
उत्तर: 78%


8. 150वें अंतर संसदीय संघ सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया?

Who led the Indian delegation at the 150th Inter-Parliamentary Union conference?
उत्तर: ओम बिरला (Om Birla)


9. पुर्तगाल के वर्तमान राष्ट्रपति कौन हैं?

Who is the current President of Portugal?
उत्तर: मार्सेलो रेबेलो (Marcelo Rebelo)


10. हाल ही में किस देश ने भारत सहित 14 देशों पर वीज़ा प्रतिबंध लगाया है?

Which country has recently imposed visa bans on 14 countries including India?
उत्तर: सऊदी अरब (Saudi Arabia)


11. “जीवनजोत परियोजना” के अंतर्गत पंजाब में अब तक कितने बच्चों को बचाया गया है?

How many children have been rescued under the 'Jeevanjot Project' in Punjab?
उत्तर: 268 बच्चे


12. 2023-24 में ग्रामीण महिलाओं की श्रम बल भागीदारी कितनी हो गई है?

What is the labour force participation rate of rural women in 2023-24?
उत्तर: 47.6%


13. अमेरिका ने हाल ही में सभी आयातों पर कितना प्रतिशत टैरिफ लगाना शुरू किया है?

What percentage of tariffs has the US started levying on all imports?
उत्तर: 10%


14. भारत का पहला 3-कोच ट्रेन कॉरिडोर किस शहर में शुरू किया जाएगा?

In which city will India’s first 3-coach train corridor be launched?
उत्तर: दिल्ली (Delhi)


Current Affairs Quiz – 08 April 2025

Q1. हाल ही में अमेरिका ने किस देश के पासपोर्ट धारकों के वीजा को रद्द किया है?
a) इराक
b) ईरान
c) दक्षिण सूडान
d) सीरिया
उत्तर: c) दक्षिण सूडान


Q2. ‘Fred Darington Sand Master’ पुरस्कार किसे मिला है?
a) सुबोध गुप्ता
b) सुदर्शन पटनायक
c) एम.एफ. हुसैन
d) अंजलि इला मेनन
उत्तर: b) सुदर्शन पटनायक


Q3. IMF में RBI की वर्तमान स्थिति कितनी है?
a) $5.2 बिलियन
b) $3.9 बिलियन
c) $4.41 बिलियन
d) $6.1 बिलियन
उत्तर: c) $4.41 बिलियन


Q4. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 2023-24 में लिंगानुपात कितना हो गया है?
a) 912
b) 920
c) 930
d) 940
उत्तर: c) 930


Q5. विश्व स्वास्थ्य दिवस कब मनाया जाता है?
a) 5 मार्च
b) 7 अप्रैल
c) 10 मई
d) 3 जून
उत्तर: b) 7 अप्रैल


Q6. भारत का वर्तमान स्वर्ण भंडार कितना है?
a) $72 बिलियन
b) $75 बिलियन
c) $77 बिलियन
d) $79 बिलियन
उत्तर: c) $77 बिलियन


Q7. माध्यमिक स्तर पर लड़कियों का नामांकन अनुपात 2023-24 में कितना हुआ?
a) 74%
b) 76%
c) 78%
d) 80%
उत्तर: c) 78%


Q8. 150वें IPU सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया?
a) राजनाथ सिंह
b) पीयूष गोयल
c) ओम बिरला
d) एस. जयशंकर
उत्तर: c) ओम बिरला


Q9. पुर्तगाल के वर्तमान राष्ट्रपति कौन हैं?
a) एंटोनियो कोस्टा
b) मार्सेलो रेबेलो
c) जोस मैनुअल
d) कार्लोस मोइडास
उत्तर: b) मार्सेलो रेबेलो


Q10. सऊदी अरब ने हाल ही में कितने देशों पर वीजा प्रतिबंध लगाया है?
a) 10
b) 12
c) 14
d) 16
उत्तर: c) 14


Q11. “जीवनजोत परियोजना” के अंतर्गत कितने बच्चों को बचाया गया है?
a) 188
b) 228
c) 268
d) 318
उत्तर: c) 268


Q12. 2023-24 में ग्रामीण महिलाओं की श्रम भागीदारी कितनी रही?
a) 42.3%
b) 45.8%
c) 47.6%
d) 49.2%
उत्तर: c) 47.6%


Q13. अमेरिका ने सभी आयातों पर कितना प्रतिशत टैरिफ लागू किया है?
a) 5%
b) 10%
c) 12%
d) 15%
उत्तर: b) 10%


Q14. भारत का पहला 3-कोच ट्रेन कॉरिडोर किस शहर में शुरू होगा?
a) मुंबई
b) हैदराबाद
c) कोलकाता
d) दिल्ली
उत्तर: d) दिल्ली


7 April 2025 Daily Current Affairs👈


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✍️ARVIND SINGH PK REWA

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वर्तमान में भारत में विपक्ष की आवाज़ को सशक्त बनाने हेतु छाया मंत्रिमंडल की आवश्यकता एक समग्र अकादमिक विश्लेषण परिचय लोकतंत्र की आत्मा सत्ता और विपक्ष के बीच संतुलन में निहित होती है। जहां सत्तारूढ़ दल शासन, नीति-निर्माण और प्रशासन का दायित्व निभाता है, वहीं विपक्ष का कार्य केवल विरोध करना नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों की समीक्षा, आलोचना और वैकल्पिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करना होता है। एक स्वस्थ लोकतंत्र में विपक्ष ‘नकारात्मक शक्ति’ नहीं, बल्कि रचनात्मक नियंत्रक (Constructive Watchdog) की भूमिका निभाता है। भारत, जो स्वयं को विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र घोषित करता है, आज एक ऐसे राजनीतिक चरण से गुजर रहा है जहाँ विपक्ष की भूमिका कमजोर, बिखरी हुई और प्रतिक्रियात्मक दिखाई देती है। संसद के भीतर विमर्श का स्तर गिरा है और नीति-आलोचना प्रायः नारेबाज़ी या वॉकआउट तक सीमित रह जाती है। ऐसे परिदृश्य में छाया मंत्रिमंडल (Shadow Cabinet) की अवधारणा भारतीय लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज़ को संस्थागत, संगठित और प्रभावी बनाने का एक महत्वपूर्ण साधन बन सकती है। यह लेख भारत में छाया मंत्रिमंडल की आवश्यकता, उसके संभा...

Gig Workers in India: Pain, Challenges and 10-Minute Delivery Crisis in Quick Commerce Sector

भारत में गिग वर्कर्स की पीड़ा: क्विक कॉमर्स और 10 मिनट डिलीवरी संकट का विश्लेषण डिजिटल क्रांति ने जिस सबसे बड़े सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन को जन्म दिया है, उसका एक प्रमुख रूप है—गिग इकोनॉमी। ऐप-आधारित प्लेटफॉर्म्स ने काम को “ऑन-डिमांड” बना दिया है, जहाँ नौकरी स्थायी नहीं, बल्कि अस्थायी कार्यों की शृंखला है। उबर, ब्लिंकिट, ज़ेप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट और ज़ोमैटो जैसे प्लेटफॉर्म्स इस मॉडल के प्रतीक हैं। पहली नज़र में यह व्यवस्था युवाओं को लचीलापन, तुरंत कमाई और तकनीक से जुड़ने का अवसर देती है, लेकिन इसी चमकदार परत के नीचे गिग वर्कर्स की पीड़ा, असुरक्षा और संघर्ष की एक लंबी कहानी छिपी है। भारत में यह समस्या विशेष रूप से क्विक कॉमर्स सेक्टर में दिखाई देती है, जहाँ “10 मिनट में डिलीवरी” जैसे वादों ने उपभोक्ताओं को तो सुविधा दी, लेकिन डिलीवरी पार्टनर्स के जीवन को जोखिम में डाल दिया। यह केवल तेज डिलीवरी का सवाल नहीं है, बल्कि यह उस आर्थिक मॉडल का सवाल है जो मुनाफे को श्रमिकों की सुरक्षा से ऊपर रखता है। गिग इकोनॉमी: अवसर और विरोधाभास गिग इकोनॉमी का मूल आकर्षण है—लचीलापन। कोई भी व्यक्ति अपनी सु...

Trump’s “Board of Peace”: From Gaza Plan to Global Conflict Resolution

ट्रंप का ‘बोर्ड ऑफ पीस’: गाजा से वैश्विक संघर्ष समाधान तक एक नया प्रयोग प्रस्तावना इक्कीसवीं सदी के तीसरे दशक में वैश्विक राजनीति एक बार फिर संक्रमण के दौर से गुजर रही है। बहुपक्षीय संस्थाएं—विशेषकर संयुक्त राष्ट्र—लगातार यह आरोप झेल रही हैं कि वे तेज़ी से बदलते संघर्षों के समाधान में प्रभावी नहीं रह गई हैं। इसी पृष्ठभूमि में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2025 में गाजा संकट के समाधान के लिए एक 20-सूत्रीय योजना पेश की और उसके दूसरे चरण में एक नई संस्था— ‘बोर्ड ऑफ पीस’ —की स्थापना की। जो पहल गाजा तक सीमित मानी जा रही थी, वह जनवरी 2026 में अचानक वैश्विक संघर्ष समाधान के मंच में बदलने लगी। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, बहुपक्षीयता और अमेरिका की भूमिका पर नए प्रश्न खड़े हो गए हैं। गाजा संकट और ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की उत्पत्ति 2024–25 में इजरायल-हमास संघर्ष ने गाजा को मानवीय त्रासदी के केंद्र में ला खड़ा किया। लगातार युद्ध, विस्थापन, भुखमरी और बुनियादी ढांचे का विनाश अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चुनौती बन गया। इसी संदर्भ में सितंबर 2025 में ट्रंप ने ‘कॉम्प्रिहेंसिव प्लान टू एंड द गाजा क...

Frederick Merz’s India Visit and the “Indo-Europe” Idea: A New Strategic Geography

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज़ की भारत यात्रा और 'इंडो-यूरोप' की अवधारणा: एक रणनीतिक विश्लेषण प्रस्तावना वैश्विक भू-राजनीति में तेजी से बदलाव आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एकतरफा नीतियां और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आक्रामक कूटनीति ने दुनिया को अस्थिरता की ओर धकेल दिया है। ऐसे समय में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज़ की जनवरी 2026 में भारत की दो-दिवसीय आधिकारिक यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एक नई रणनीतिक भूगोल की शुरुआत का संकेत देती है। प्रसिद्ध स्तंभकार सी. राजा मोहन ने इसे "इंडो-यूरोप" की संज्ञा दी है। यह अवधारणा भारत और यूरोप (विशेषकर जर्मनी) के बीच गहन सहयोग के माध्यम से अमेरिका और चीन के प्रभुत्व को संतुलित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह यात्रा 25 वर्षों के भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी और 75 वर्षों के राजनयिक संबंधों के उपलक्ष्य में हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने 19 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। यात्रा के प्रमुख परिणाम और समझौते मेर्ज़ की यात्रा 12-13 जनवरी 2026 को हुई, जो उनकी चांसलर बनने के बाद प...

India's Israel-Palestine Policy: From Traditional Palestinian Support to Strategic Balance with Israel (2026 Update)

भारत की इज़राइल-फिलिस्तीन विदेश नीति: नेहरू से मोदी तक इज़राइल–फिलिस्तीन विवाद बीसवीं सदी के सबसे जटिल और दीर्घकालिक भू-राजनीतिक संघर्षों में से एक है, जो 1947-48 के विभाजन और इज़राइल की स्थापना से लेकर आज के गाजा संकट तक फैला हुआ है। यह मुद्दा न केवल मध्य पूर्व की राजनीति को आकार देता है, बल्कि वैश्विक दक्षिण-उत्तरी संबद्धताओं, धार्मिक पहचान राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार विमर्श का केंद्र बिंदु भी रहा है। भारत का रुख इस संदर्भ में विशेष रूप से अध्ययन-योग्य है, क्योंकि यह पारंपरिक रूप से फिलिस्तीनी आत्मनिर्णय के समर्थक के रूप में जाना जाता है, जबकि हाल के दशकों में इज़राइल के साथ रणनीतिक साझेदारी भी गहराती जा रही है। यह द्वंद्व भारत की विदेश नीति की बहुआयामी प्रकृति को उजागर करता है, जिसमें ऐतिहासिक विरासत, वैचारिक आधार, भू-रणनीतिक हित, आर्थिक कारक और घरेलू राजनीतिक संवेदनशीलताएं शामिल हैं। इस विश्लेषण में हम इन आयामों का संतुलित परीक्षण करेंगे, विशेष रूप से 2023 के बाद की घटनाओं के प्रकाश में, जो दर्शाती हैं कि भारत किस प्रकार वैश्विक दबावों के बीच संतुलन साध रहा है। भारत की विदे...

Trump’s Gaza Peace Board and India’s Role: Strategic, Political and Ethical Analysis

ट्रंप की ‘गाजा शांति बोर्ड’ में भारत की संभावित भागीदारी: एक संतुलित विश्लेषण भूमिका इजरायल–हमास युद्ध के बाद गाजा पट्टी के भविष्य को लेकर वैश्विक स्तर पर कई योजनाएँ सामने आई हैं। इन्हीं में से एक है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस फॉर गाजा’ । इसका उद्देश्य गाजा में युद्धोत्तर शासन, सुरक्षा व्यवस्था और पुनर्निर्माण को एक अंतरराष्ट्रीय ढाँचे के तहत संचालित करना है। इस बोर्ड में भारत को औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया है। यह निमंत्रण केवल एक कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका की स्वीकृति भी है। लेकिन प्रश्न यह है कि क्या भारत को इस पहल का हिस्सा बनना चाहिए? और यदि हाँ, तो किस स्तर तक? यह लेख इसी प्रश्न का ऐतिहासिक, रणनीतिक और नैतिक दृष्टिकोण से विश्लेषण करता है और अंत में एक संतुलित निष्कर्ष प्रस्तुत करता है। पृष्ठभूमि: गाजा और ट्रंप की शांति योजना गाजा लंबे समय से इजरायल–फिलिस्तीन संघर्ष का केंद्र रहा है। हमास के नियंत्रण, इजरायली सैन्य कार्रवाइयों और मानवीय संकट ने इस क्षेत्र को वैश्विक चिंता का विषय बना दिया है। ट्रंप ...