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Polity Point By Arvind Singh PK Rewa

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California’s Governor Gavin Newsom at COP30: State-Level Climate Commitment Against Trump’s Federal Policy

COP30 जलवायु शिखर सम्मेलन में कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम की टिप्पणी: संघीय नीति के विरुद्ध राज्य स्तरीय प्रतिबद्धता

परिचय

ब्राजील में आयोजित सीओपी30 (Conference of the Parties 30) जलवायु शिखर सम्मेलन ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि जलवायु परिवर्तन केवल वैश्विक ही नहीं, बल्कि आंतरिक नीतिगत समन्वय का भी विषय है। इस मंच पर, कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम (Gavin Newsom) ने अपने राज्य की हरित प्रौद्योगिकी और जलवायु कार्रवाई के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए अमेरिकी संघीय नीति की आलोचना की। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संघीय स्तर पर पेरिस समझौते से बाहर निकलने और जीवाश्म ईंधन नीतियों को पुनर्जीवित करने के निर्णय को “मूर्खतापूर्ण” (dumb) कहा।
यह बयान केवल राजनीतिक असहमति नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संघवाद (Environmental Federalism) के उस विमर्श को पुनर्जीवित करता है, जो यह दर्शाता है कि जलवायु संकट से निपटने के लिए केवल राष्ट्रीय नहीं, बल्कि राज्य और उप-राष्ट्रीय इकाइयों की भी निर्णायक भूमिका है।


पृष्ठभूमि: सीओपी सम्मेलन और पेरिस समझौते की समीक्षा

सीओपी (Conference of the Parties) सम्मेलन 1995 से संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) के अंतर्गत आयोजित होते हैं। इनका उद्देश्य वैश्विक तापमान वृद्धि को सीमित करने, उत्सर्जन घटाने, और जलवायु वित्त की व्यवस्था पर चर्चा करना है।
सीओपी30, जो 2025 में ब्राजील के बेलें दो परा (Belém do Pará) में आयोजित हुआ, विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा क्योंकि यह पेरिस समझौते (2015) के एक दशक बाद की उपलब्धियों और चुनौतियों की समीक्षा का मंच बना।
इस बीच, अमेरिका ने ट्रंप प्रशासन के तहत एक बार फिर पेरिस समझौते से बाहर निकलने की प्रक्रिया शुरू की, जो 2017–2020 के ट्रंप युग की नीति को पुनर्स्थापित करती है। यह निर्णय वैज्ञानिक समुदाय और जलवायु कार्यकर्ताओं के लिए गहरी निराशा का कारण बना।


कैलिफोर्निया: एक उप-राष्ट्रीय नेतृत्व मॉडल

कैलिफोर्निया, जो स्वयं विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, लंबे समय से जलवायु कार्रवाई के अग्रणी के रूप में जाना जाता है।
राज्य की कैलिफोर्निया एयर रिसोर्सेज बोर्ड (CARB) उत्सर्जन नियंत्रण और इलेक्ट्रिक वाहनों के मानक तय करती है, जो संघीय पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) से अधिक कठोर हैं।
गवर्नर न्यूसम ने राज्य की नीति को “ग्रीन ग्रोथ स्ट्रैटेजी” की संज्ञा दी है, जिसमें शामिल हैं—

  • 2035 तक 100% नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य
  • इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देना
  • कार्बन कैप्चर और हरित प्रौद्योगिकी में निवेश
  • जंगल की आग और सूखे से निपटने के लिए जलवायु अनुकूलन योजनाएं

यह रणनीति न केवल पर्यावरणीय, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी कैलिफोर्निया को एक हरित नवाचार केंद्र (Green Innovation Hub) के रूप में स्थापित करती है।


न्यूसम की टिप्पणी का निहितार्थ

सीओपी30 में गेविन न्यूसम का “dumb” शब्द केवल राजनीतिक तंज नहीं था, बल्कि जलवायु विज्ञान की वास्तविकता की ओर संकेत था।
इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC) की रिपोर्टों के अनुसार, यदि तापमान वृद्धि को 1.5°C तक सीमित नहीं किया गया, तो 2050 तक वैश्विक जीडीपी का लगभग 2.6% भाग जोखिम में पड़ सकता है।
कैलिफोर्निया जैसे राज्य पहले से ही जलवायु आपदाओं — जैसे जंगल की आग, सूखा, और तटीय क्षरण — के गंभीर प्रभाव झेल रहे हैं। ऐसे में संघीय नीति का निष्क्रिय होना राज्यों को स्वतंत्र नीतिगत रास्ते अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।

न्यूसम का बयान अमेरिकी संविधान के दसवें संशोधन (Tenth Amendment) के अंतर्गत निहित उस अधिकार की याद दिलाता है, जो राज्यों को स्वायत्त नीति-निर्माण की स्वतंत्रता प्रदान करता है।
इस प्रकार, यह विवाद “राजनीतिक ध्रुवीकरण” से अधिक, “संवैधानिक विकेंद्रीकरण” का उदाहरण है, जो अमेरिका में पर्यावरणीय शासन के एक नए मॉडल की ओर संकेत करता है।


राज्य बनाम संघीय नीति: एक द्वंद्वात्मक परिदृश्य

ट्रंप प्रशासन के समर्थक मानते हैं कि जलवायु नीतियां अक्सर “आर्थिक विकास” में बाधक होती हैं, और ऊर्जा सुरक्षा के लिए जीवाश्म ईंधन आवश्यक हैं।
इसके विपरीत, कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क जैसे राज्य तर्क देते हैं कि ग्रीन एनर्जी न केवल पर्यावरणीय समाधान है, बल्कि भविष्य की अर्थव्यवस्था की नींव भी है।

न्यूसम के इस दृष्टिकोण का प्रभाव अब अन्य राज्यों पर भी दिख रहा है।
U.S. Climate Alliance — एक ऐसा गठबंधन जिसमें 25 से अधिक अमेरिकी राज्य शामिल हैं — कैलिफोर्निया की नीति से प्रेरित होकर पेरिस समझौते के लक्ष्यों को राज्य-स्तर पर लागू कर रहे हैं।
यह पहल बताती है कि जब संघीय नीति कमजोर हो जाती है, तो राज्य और नगरपालिकाएं वैश्विक जलवायु शासन के वैकल्पिक अभिकर्ता बन सकती हैं।


वैश्विक दृष्टि से महत्व

न्यूसम की टिप्पणी केवल अमेरिका की आंतरिक राजनीति का प्रतिबिंब नहीं, बल्कि वैश्विक जलवायु संवाद में उप-राष्ट्रीय अभिनेताओं (sub-national actors) के बढ़ते महत्व का संकेत है।
भारत, चीन, और यूरोपीय संघ में भी कई राज्यों या प्रांतों ने स्थानीय स्तर पर जलवायु कार्य योजनाएं शुरू की हैं।
इस प्रकार, सीओपी30 के मंच से उभरा यह संदेश अत्यंत स्पष्ट है —

“यदि राष्ट्रीय सरकारें असफल हों, तो स्थानीय शासन संरचनाएं जलवायु कार्रवाई की अगुवाई कर सकती हैं।”


निष्कर्ष

सीओपी30 में गेविन न्यूसम का वक्तव्य एक गहरी वैचारिक रेखा खींचता है —
एक ओर वे हैं जो अल्पकालिक आर्थिक लाभ के लिए पर्यावरणीय दायित्वों से पीछे हट रहे हैं,
और दूसरी ओर वे जो दीर्घकालिक स्थिरता को विकास का आधार मानते हैं।

कैलिफोर्निया का मॉडल यह दर्शाता है कि राज्य स्तर पर नीतिगत दृढ़ता संघीय निष्क्रियता की भरपाई कर सकती है।
भविष्य में, यदि अमेरिका जैसी संघीय व्यवस्थाएं इस संतुलन को सही दिशा में ले जाएं, तो वैश्विक जलवायु शासन अधिक विकेंद्रीकृत, व्यावहारिक और प्रभावी बन सकता है।


संदर्भ:
Reuters. (2025). "California Governor Newsom blasts Trump's climate reversal at COP30." Retrieved from.



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