हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष: अदृश्य कंधों पर टिकी दुनिया – नारी शक्ति की अनंत गाथा नारी, वह शक्ति जो सृष्टि की रचयिता है, वह धरा जो जीवन को पोषित करती है, वह अग्नि जो अंधकार को चीरती है। हर वर्ष 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हमें उस नारी-तत्व की स्मृति कराता है, जो न केवल घर-परिवार की नींव संवारती है, अपितु समस्त मानव-जाति की प्रगति का आधार बनती है। इस वर्ष 2026 में वैश्विक संदेश "Give To Gain" है – अर्थात् देने से प्राप्ति। जब हम नारी को अवसर देते हैं, सम्मान देते हैं, शिक्षा, संसाधन, सुरक्षा और स्वतंत्रता प्रदान करते हैं, तो वह प्राप्ति बहुगुणित होकर लौटती है। परिवार मजबूत होता है, समाज समृद्ध होता है, राष्ट्र ऊँचा उठता है। UN Women का आह्वान "Rights. Justice. Action. For ALL Women and Girls" भी यही पुकारता है – अधिकार, न्याय और ठोस कार्रवाई, ताकि प्रत्येक नारी और बालिका भेदभाव, हिंसा तथा असमानता के बंधनों से मुक्त हो सके। अदृश्य श्रम: वह बोझ जो आँखों से ओझल रहता है पुरुष कहता है, "मैं दुनिया का भार उठाए हुए हूँ।" किंतु सत्य यह है कि वह ...