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Polity Point By Arvind Singh PK Rewa

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US Naval Operations 2025: The War on Drugs, Executive Power Expansion, and Latin American Backlash

अमेरिकी नौसैनिक अभियान 2025: नशीली दवाओं के खिलाफ युद्ध या सैन्य शक्ति का विस्तार?

सार

सितंबर से अक्टूबर 2025 के बीच अमेरिकी नौसेना द्वारा कैरेबियाई सागर और वेनेजुएला तट पर संचालित पाँच सैन्य अभियानों में कुल 27 लोगों की मृत्यु हुई। इन कार्रवाइयों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने “ड्रग कार्टेलों के विरुद्ध निर्णायक प्रहार” बताया, किंतु न तो इन अभियानों का ठोस साक्ष्य सार्वजनिक किया गया, न ही अंतरराष्ट्रीय या क्षेत्रीय सहमति ली गई। यह लेख इन अभियानों की कानूनी वैधता, साक्ष्य की अनुपलब्धता और भूराजनीतिक परिणामों का विश्लेषण करता है। अध्ययन निष्कर्ष निकालता है कि ये कार्रवाइयाँ अमेरिकी “War on Drugs” की परंपरा का विस्तार हैं, परंतु पारदर्शिता और जवाबदेही के अभाव में यह नीति अंतरराष्ट्रीय कानून और लोकतांत्रिक संस्थाओं की सीमाओं को धुंधला करती है।


प्रस्तावना

2025 के उत्तरार्ध में अमेरिका ने कैरेबियाई सागर में नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ पाँच सशस्त्र नौसैनिक कार्रवाइयाँ कीं। इनमें से अधिकांश अभियानों का केंद्र वेनेजुएला और कोलंबिया के तटीय क्षेत्र रहे, जिनमें कुल 27 लोगों की मृत्यु हुई। प्रशासन ने इन जहाजों को “नार्को-आतंकवादी नेटवर्क” से जुड़ा बताया, किंतु कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।

राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने अक्टूबर 2025 के वक्तव्य में कहा, “अमेरिका अपने दुश्मनों का पीछा करेगा, चाहे वे किसी भी समुद्र में हों।” यह बयान प्रशासन की उस नीति को दर्शाता है जिसमें सैन्य कार्रवाई को कानून प्रवर्तन का माध्यम बना दिया गया है। किंतु इस नीति ने यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या “ड्रग्स के खिलाफ युद्ध” अब एक स्थायी सैन्य अभियान का रूप ले चुका है?


ऐतिहासिक और नीतिगत पृष्ठभूमि

अमेरिका की नशीली दवाओं के खिलाफ नीति की जड़ें 1980 के दशक में रीगन प्रशासन द्वारा शुरू किए गए “War on Drugs” में हैं। इस नीति ने घरेलू अपराध नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय सैन्य हस्तक्षेप के बीच की रेखा को धुंधला कर दिया।

1986 में पारित Maritime Drug Law Enforcement Act (MDLEA) ने अमेरिकी नौसेना को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में संदिग्ध जहाजों को रोकने, तलाशी लेने और जब्त करने का अधिकार दिया। इसके बाद Joint Interagency Task Force–South (JIATF–S) की स्थापना हुई, जिसने कैरेबियाई क्षेत्र में नशीली दवाओं के परिवहन मार्गों को निशाना बनाया।

2025 में ट्रम्प प्रशासन ने इसी ढांचे का विस्तार करते हुए Operation Tidal Surge शुरू किया, जिसके तहत पाँच “लक्षित अभियानों” में लगभग 27 लोगों की मृत्यु हुई और “12 मीट्रिक टन नशीले पदार्थ जब्त किए गए” — यद्यपि इन दावों का कोई स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ।


कानूनी वैधता और संवैधानिक सीमाएँ

इन अभियानों का कानूनी आधार राष्ट्रपति की Article II Commander-in-Chief शक्तियाँ और 2001 का Authorization for Use of Military Force (AUMF) बताया गया। प्रशासन का तर्क है कि “नार्को-आतंकवादी संगठन” अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए वैसी ही चुनौती हैं जैसी 9/11 के बाद अल-कायदा थी। किंतु यह व्याख्या अत्यधिक विस्तारित और विवादास्पद है।

War Powers Resolution (1973) के तहत राष्ट्रपति को किसी भी सैन्य कार्रवाई की सूचना 48 घंटों में कांग्रेस को देनी होती है, और 60 दिनों से अधिक कार्रवाई के लिए उसकी अनुमति आवश्यक है। इन अभियानों को “Limited Kinetic Operations” कहकर इस दायित्व से बचा गया। कई संवैधानिक विशेषज्ञों, जैसे जैक गोल्डस्मिथ (2025), ने इसे “कार्यकारी शक्ति का अतिक्रमण” करार दिया है।

अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत, UN Convention on the Law of the Sea (UNCLOS) केवल “हॉट परस्यूट” (Hot Pursuit) की स्थिति में ऐसी कार्रवाई की अनुमति देता है — यानी जब किसी जहाज को अपराध करते हुए पकड़ा जाए और वह किसी देश की समुद्री सीमा से बाहर भागे। किंतु 2025 के अभियानों में यह स्थिति स्पष्ट नहीं थी। यदि कोई भी कार्रवाई बिना क्षेत्रीय सहमति के की गई, तो यह संबंधित राष्ट्र की संप्रभुता का उल्लंघन मानी जाएगी।


साक्ष्य की अनुपलब्धता और जवाबदेही का संकट

इन अभियानों की सबसे बड़ी आलोचना पारदर्शिता की कमी को लेकर हुई है। प्रशासन ने न तो जहाजों की मैनिफेस्ट, न मृतकों की पहचान, न ही जब्त सामग्रियों का कोई भौतिक प्रमाण सार्वजनिक किया। यह “क्लासिफाइड इंटेलिजेंस” के हवाले से जवाबदेही से बचने का तरीका बन गया है।

ह्यूमन राइट्स वॉच (2025) की रिपोर्ट के अनुसार, “इन अभियानों की गोपनीयता न्यायिक निगरानी और मानवाधिकार संरक्षण दोनों को कमजोर करती है।” यदि मृतक वास्तव में नागरिक या मछुआरे थे, तो यह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत Summary Execution की श्रेणी में आएगा।

इसके विपरीत, यूरोपीय संघ की Operation Sophia या Atalanta जैसी नौसैनिक कार्रवाइयों में स्वतंत्र पर्यवेक्षण और पारदर्शी रिपोर्टिंग की व्यवस्था होती है। अमेरिका के अभियानों में ऐसी किसी प्रणाली का अभाव अंतरराष्ट्रीय असंतोष का कारण बना है।


भूराजनीतिक और नैतिक परिणाम

लैटिन अमेरिका पहले से ही अमेरिका की एकतरफा नीतियों के प्रति संवेदनशील रहा है। वेनेजुएला ने इन अभियानों को “समुद्री आक्रामकता” करार देते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा में औपचारिक विरोध दर्ज कराया। निकारागुआ और बोलिविया जैसे देशों ने भी इस कार्रवाई को “नव-औपनिवेशिक मानसिकता” का उदाहरण बताया।

इन अभियानों ने न केवल अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों को और खराब किया, बल्कि ब्राजील, कोलंबिया, और कैरिबियाई द्वीपों में भी संदेह का वातावरण पैदा किया। कई देशों ने अमेरिका से सबूत प्रस्तुत करने और OAS के माध्यम से सहयोगी तंत्र स्थापित करने की मांग की है।

नैतिक दृष्टि से भी, Just War Theory के Jus ad Bellum और Jus in Bello सिद्धांतों के अनुसार यह जरूरी है कि युद्ध की घोषणा और उसका संचालन दोनों उचित कारणों व सीमाओं में रहें। जब लक्ष्य अस्पष्ट हों और नागरिक हानि की आशंका हो, तो ऐसी कार्रवाइयाँ नैतिक रूप से अस्थिर हो जाती हैं।


निष्कर्ष

2025 के अमेरिकी नौसैनिक अभियान यह दिखाते हैं कि “War on Drugs” अब केवल अपराध नियंत्रण का साधन नहीं रहा, बल्कि विदेश नीति और सैन्य शक्ति प्रदर्शन का उपकरण बन गया है। साक्ष्य की अनुपलब्धता, कानूनी अस्पष्टता और अंतरराष्ट्रीय असहमति ने इन अभियानों की वैधता को कमजोर किया है।

अमेरिका के लिए यह आवश्यक है कि वह—

  1. कांग्रेस की पूर्व-स्वीकृति और पारदर्शी रिपोर्टिंग को सुनिश्चित करे,
  2. OAS, UNODC और वेनेजुएला सरकार के साथ संयुक्त खुफिया साझा ढांचा विकसित करे,
  3. और सामाजिक-आर्थिक जड़ों — जैसे गरीबी, भ्रष्टाचार और बेरोज़गारी — पर समान रूप से ध्यान दे।

नशीली दवाओं के खिलाफ युद्ध तब तक सफल नहीं हो सकता जब तक उसे लोकतांत्रिक वैधता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सामाजिक न्याय की कसौटी पर परखा न जाए।


संदर्भ

  • गोल्डस्मिथ, जैक. (2025). असमान संघर्षों में कार्यकारी शक्ति की सीमाएँ. हार्वर्ड लॉ रिव्यू, 138(2), 456–512।
  • ह्यूमन राइट्स वॉच. (2025). कैरेबियाई क्षेत्र में अमेरिकी समुद्री अभियानों पर प्रारंभिक रिपोर्ट. न्यूयॉर्क: HRW।
  • ट्रम्प, डोनाल्ड जे. (2025, अक्टूबर). नशीली दवाओं के खिलाफ अभियानों पर बयान. व्हाइट हाउस प्रेस विज्ञप्ति।
  • वाल्जर, माइकल. (1977). जस्ट एंड अनजस्ट वॉर्स. न्यूयॉर्क: बेसिक बुक्स।


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