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ट्रंप की टैरिफ नीति और वैश्विक शक्ति संतुलन: “चीन को और महान बनाने” का अनचाहा परिणाम वर्ष 2025 की शुरुआत में यूरोपीय महाद्वीप की नजरों में रूस सबसे बड़ा खतरा नजर आ रहा था। यूक्रेन में जारी युद्ध, ऊर्जा आपूर्ति की अनिश्चितता और सुरक्षा संबंधी अस्थिरता ने पूरे क्षेत्र को अपनी गिरफ्त में जकड़ रखा था। लेकिन जैसे-जैसे वर्ष आगे बढ़ा, खतरे की यह धारणा धीरे-धीरे बदलने लगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक व्यापार नीतियां, खासकर अपने पारंपरिक सहयोगी देशों पर लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ, यूरोप और वैश्विक व्यवस्था के लिए कहीं अधिक गंभीर चुनौती के रूप में उभरीं। इन नीतियों का घोषित उद्देश्य अमेरिकी उद्योगों की रक्षा करना, घरेलू रोजगार को बढ़ावा देना और व्यापार घाटे को कम करना था। लेकिन इनका एक अनचाहा और विडंबनापूर्ण परिणाम सामने आया: जिस चीन को अलग-थलग करने की कोशिश की जा रही थी, वह वैश्विक अर्थव्यवस्था में और अधिक गहराई से एकीकृत होता चला गया। इसे विश्लेषक “चीन को और महान बनाने” का अनपेक्षित नतीजा कहते हैं। ट्रंप की टैरिफ नीति का मूल आधार उनकी “अमेरिका फर्स्ट” विचारधारा में निहित था, जिसे ...