अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
पेरू में लिमा और कैलाओ में 30 दिनों की आपातकाल की घोषणा: अपराध, राजनीति और लोकतंत्र के बीच संतुलन की जंग परिचय 21 अक्टूबर 2025 की रात पेरू के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया, जब नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जोस जेरी ने राजधानी लिमा और निकटवर्ती प्रांत कैलाओ में 30 दिनों की आपातकाल स्थिति (State of Emergency) की घोषणा की। मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित इस निर्णय के तहत सेना को पुलिस के साथ मिलकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने का अधिकार दिया गया है। राष्ट्रीय टेलीविज़न पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति जेरी ने कहा — “यह कदम अपराध के खिलाफ रक्षा नहीं, बल्कि आक्रमण की शुरुआत है — ताकि पेरूवासियों का विश्वास, शांति और सुकून वापस लाया जा सके।” यह घोषणा ऐसे समय में आई जब पूर्व राष्ट्रपति दीना बोलुआर्ते को भ्रष्टाचार के आरोपों और जनविरोध के कारण बर्खास्त किया गया था, और देश राजनीतिक अस्थिरता व सामाजिक विभाजन से जूझ रहा था। ऐसे में जेरी की यह घोषणा केवल सुरक्षा नीति नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश भी है — कि उनका शासन “निर्णायक और कठोर” होगा। 1. अपराध संकट: पेरू की राजधानी का असुरक्षित चेहरा लिम...