अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
अमेरिकी सरकारी शटडाउन 2025: भारत और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर प्रस्तावना – सिर्फ अमेरिकी संकट नहीं, एक वैश्विक संकेत अक्सर अमेरिकी सरकारी शटडाउन को मीडिया “बजट गतिरोध” या “राजनीतिक टकराव” कहकर पेश करता है। लेकिन 2025 का अमेरिकी शटडाउन इससे कहीं गहरा है। यह सिर्फ अमेरिका की प्रशासनिक समस्या नहीं बल्कि यह बताता है कि किसी एक देश के राजनीतिक ठहराव से पूरी दुनिया की आर्थिक नब्ज़ प्रभावित हो सकती है। 2018-19 में जब अमेरिका में सबसे लंबा 35 दिन का शटडाउन हुआ था तो अमेरिकी जीडीपी को अरबों डॉलर का नुकसान हुआ और वैश्विक निवेशक भी डगमगा गए। आज भी वही स्थिति दोहराई जा रही है। अमेरिकी शटडाउन क्या है – एक अवधारणात्मक ढाँचा अमेरिका में सरकार का बजट कांग्रेस पास करती है। जब सरकार और कांग्रेस के बीच खर्च और कर नीति पर सहमति नहीं बनती, तो सरकारी विभागों के पास खर्च करने के पैसे खत्म हो जाते हैं और वे बंद होने लगते हैं — इसे “शटडाउन” कहते हैं। 2025 में यह गतिरोध स्वास्थ्य फंडिंग और मेडिकेड कट्स पर डेमोक्रेट्स और ट्रंप प्रशासन के बीच हुआ। इससे पता चलता है कि यह केवल पैसों का झगड़ा नहीं बल्कि विचारधाराओ...