अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
भारत में कैंसर और हृदय रोग: बढ़ती चुनौती और समाधान के रास्ते द लैंसेट जर्नल की ताजा रिपोर्ट ने भारत के लिए एक गंभीर चेतावनी दी है: कैंसर और हृदय रोग जैसी पुरानी बीमारियों से मरने की संभावना देश में पुरुषों और महिलाओं दोनों में बढ़ रही है। यह खबर तब और चिंताजनक हो जाती है, जब हम देखते हैं कि दुनिया के 80% देशों में पिछले एक दशक में इन बीमारियों से होने वाली मौतों में कमी आई है। आखिर भारत में ऐसा क्या हो रहा है कि हम इस वैश्विक रुझान से उलट दिशा में जा रहे हैं? आइए, इसे सरल भाषा में समझें और जानें कि इस चुनौती से निपटने के लिए क्या किया जा सकता है। क्यों बढ़ रही हैं भारत में ये बीमारियां? भारत में कैंसर और हृदय रोगों का बढ़ना कई कारणों से हो रहा है। सबसे पहले, हमारी बदलती जीवनशैली इसका बड़ा कारण है। फास्ट फूड, जंक फूड और मीठे पेय पदार्थों का बढ़ता चलन हमारे दिल और शरीर को नुकसान पहुंचा रहा है। साथ ही, ज्यादातर लोग व्यायाम से दूर भागते हैं और तनाव भरी जिंदगी जीते हैं। धूम्रपान और शराब का सेवन भी कैंसर और हृदय रोग को बढ़ावा दे रहा है। दूसरा बड़ा कारण है स्वास्थ्य सेवाओं की कमी। गांवों ...