हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
भारत में कैंसर और हृदय रोग: बढ़ती चुनौती और समाधान के रास्ते द लैंसेट जर्नल की ताजा रिपोर्ट ने भारत के लिए एक गंभीर चेतावनी दी है: कैंसर और हृदय रोग जैसी पुरानी बीमारियों से मरने की संभावना देश में पुरुषों और महिलाओं दोनों में बढ़ रही है। यह खबर तब और चिंताजनक हो जाती है, जब हम देखते हैं कि दुनिया के 80% देशों में पिछले एक दशक में इन बीमारियों से होने वाली मौतों में कमी आई है। आखिर भारत में ऐसा क्या हो रहा है कि हम इस वैश्विक रुझान से उलट दिशा में जा रहे हैं? आइए, इसे सरल भाषा में समझें और जानें कि इस चुनौती से निपटने के लिए क्या किया जा सकता है। क्यों बढ़ रही हैं भारत में ये बीमारियां? भारत में कैंसर और हृदय रोगों का बढ़ना कई कारणों से हो रहा है। सबसे पहले, हमारी बदलती जीवनशैली इसका बड़ा कारण है। फास्ट फूड, जंक फूड और मीठे पेय पदार्थों का बढ़ता चलन हमारे दिल और शरीर को नुकसान पहुंचा रहा है। साथ ही, ज्यादातर लोग व्यायाम से दूर भागते हैं और तनाव भरी जिंदगी जीते हैं। धूम्रपान और शराब का सेवन भी कैंसर और हृदय रोग को बढ़ावा दे रहा है। दूसरा बड़ा कारण है स्वास्थ्य सेवाओं की कमी। गांवों ...