अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
ट्रंप की चेतावनी: इजरायल को वेस्ट बैंक हड़पने की इजाजत नहीं दूंगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की कि वे इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को चेतावनी दे चुके हैं कि वे इजरायल को वेस्ट बैंक पर कब्जा करने की अनुमति नहीं देंगे। यह बयान ट्रंप की ओर से इजरायल के प्रति समर्थन पर अब तक की सबसे स्पष्ट सीमा निर्धारित करता है, खासकर तब जब गाजा पट्टी में युद्ध को दो साल होने वाले हैं। ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब इजरायली सरकार के भीतर फिलिस्तीनी क्षेत्रों पर कब्जे की मांगें तेज हो रही हैं, जो दशकों से चली आ रही दो-राज्य समाधान की प्रक्रिया को पटरी से उतार सकती हैं। दो-राज्य समाधान के तहत इजरायल और फिलिस्तीन एक-दूसरे के पड़ोसी के रूप में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की कल्पना की गई है। लेकिन गुरुवार तक ट्रंप इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से चुप्पी साधे हुए थे। अब, अमेरिका के अरब सहयोगियों की असंतोष की आवाजें तेज होने के साथ, राष्ट्रपति ने क्षेत्रीय समर्थन जुटाने के लिए एक नई शांति योजना पर जोर देते हुए अपनी राय जाहिर की। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप न...