अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
South Africa G20 Summit 2025: Impact of US Absence and the New Climate Declaration – A Comprehensive Analysis
G20 शिखर सम्मेलन 2025: दक्षिण अफ्रीका की अगुवाई और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की ओर निर्णायक संकेत भूमिका जोहान्सबर्ग में आयोजित 2025 का G20 शिखर सम्मेलन वैश्विक कूटनीति के लिए एक असाधारण क्षण था। पहली बार समूह ने Leaders’ Declaration को शिखर बैठक की शुरुआत में ही पारित कर दिया—जबकि सामान्यतः यह दस्तावेज़ अंत तक जारी होता है। यह परिवर्तन केवल प्रक्रिया में सुधार नहीं था, बल्कि एक सामूहिक राजनीतिक संदेश था कि वैश्विक मुद्दों पर अब एकतरफ़ा दबावों का प्रभाव सीमित हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा सम्मेलन का बहिष्कार और जलवायु घोषणा को रोकने की कथित कोशिशों के बावजूद, 18 देशों और यूरोपीय संघ ने दृढ़ता दिखाते हुए घोषणा को समय से पहले अपनाया। इसने स्पष्ट किया कि उभरती अर्थव्यवस्थाएँ अब वैश्विक निर्णयों पर अधिक प्रभाव डालने के लिए तैयार हैं। पृष्ठभूमि: वैश्विक दक्षिण की बढ़ती भूमिका दक्षिण अफ्रीका ने 2024 में G20 अध्यक्षता संभालते ही यह संकेत दिया था कि इसका एजेंडा समानता, सहयोग और स्थिरता पर केंद्रित रहेगा। संदर्भ को समझना महत्वपूर्ण है: कोविड-19 के बाद आर्थिक अस...