अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
India-Brazil Defence Cooperation: Akash Missile System Export Proposal Strengthens India’s Strategic Position
भारत-ब्राजील रक्षा सहयोग: आकाश मिसाइल प्रणाली की आपूर्ति का प्रस्ताव और उसका रणनीतिक महत्व परिचय 21वीं सदी का वैश्विक परिदृश्य केवल आर्थिक प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं है; अब यह रक्षा प्रौद्योगिकी और रणनीतिक साझेदारी का भी युग है। इसी संदर्भ में भारत ने हाल ही में ब्राजील को स्वदेशी रूप से विकसित आकाश मिसाइल प्रणाली की आपूर्ति के लिए प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान सामने आया, जिसमें भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और ब्राजील के उपराष्ट्रपति जेराल्डो अल्कमिन ने द्विपक्षीय सहयोग पर विस्तृत चर्चा की। यह कदम केवल रक्षा सौदे का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह भारत की “आत्मनिर्भर भारत” रक्षा नीति , तकनीकी स्वावलंबन और वैश्विक दक्षिण (Global South) में उसकी बढ़ती रणनीतिक उपस्थिति का भी परिचायक है। आकाश मिसाइल प्रणाली: स्वदेशी क्षमता का प्रतीक आकाश मिसाइल प्रणाली भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित एक मध्यम दूरी की सतह-से-हवा (Surface-to-Air) रक्षा प्रणाली है। यह प्रणाली 25 किलोमीटर तक की दूरी पर उड़ते लड़ाकू विमान...