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China’s New Air-Defence Base near Pangong Tso: Satellite Evidence of Strategic Militarization along the India-China Border
पांगोंग त्सो के पास चीन का सामरिक निर्माण: उपग्रह चित्रों से झलकती नई भू-राजनीतिक चाल प्रस्तावना भारत और चीन के बीच संबंध सदैव एक विचित्र द्वंद्व से भरे रहे हैं — जहाँ एक ओर कूटनीति मुस्कुराहटें बाँटती है, वहीं दूसरी ओर सीमाओं पर सैनिक तैनाती सर्द हवाओं को और तीखा बना देती है। हाल ही में जारी उच्च-रिज़ॉल्यूशन उपग्रह चित्रों ने इस विरोधाभास को फिर उजागर किया है। इन चित्रों में यह स्पष्ट दिखता है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (PLAAF) ने अक्साई चिन क्षेत्र में पांगोंग त्सो झील के पूर्वी तट के पास एक विशाल वायु रक्षा परिसर (Air Defence Complex) का निर्माण तेज़ी से शुरू किया है। यह वही इलाका है जो 2020 के गलवान संघर्ष के बाद से दोनों देशों के बीच संवेदनशीलता का केंद्र बना हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह निर्माण ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और चीन ने प्रत्यक्ष वाणिज्यिक उड़ानें फिर से शुरू की हैं और संबंधों को सामान्य करने की दिशा में संवाद को पुनर्जीवित किया है। ऐसे में यह सैन्य गतिविधि एक कूटनीतिक विरोधाभास (diplomatic paradox) को जन्म देती है — जहां एक हाथ द...