अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
भारत का प्रमुख वैश्विक सूचकांकों में प्रदर्शन: एक व्यापक विश्लेषणात्मक अध्ययन परिचय वर्तमान वैश्वीकृत युग में किसी भी राष्ट्र की प्रगति का मापन केवल उसकी आर्थिक वृद्धि दर या औद्योगिक उत्पादन से नहीं किया जा सकता। इसके लिए विविध वैश्विक सूचकांक विकसित किए गए हैं जो नवाचार, लैंगिक समानता, मानव विकास, भूख, सुशासन तथा नागरिक गतिशीलता जैसे बहुआयामी पहलुओं का समग्र मूल्यांकन करते हैं। ये सूचकांक न केवल अंतरराष्ट्रीय तुलना का माध्यम हैं, बल्कि नीति निर्माण, वैश्विक प्रतिष्ठा, और सामाजिक प्रगति के लिए दिशासूचक का कार्य भी करते हैं। यह अध्ययन वर्ष 2025 (हेनले पासपोर्ट सूचकांक हेतु 2024) तक भारत की स्थिति का विश्लेषण करता है, जिससे यह समझा जा सके कि भारत किन क्षेत्रों में उन्नति कर रहा है, और कहाँ नीति-स्तरीय सुधार की आवश्यकता है। 1. वैश्विक नवाचार सूचकांक (Global Innovation Index – 2025): 139 में से 38वाँ स्थान विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) द्वारा प्रकाशित यह सूचकांक किसी देश की नवाचार क्षमता, अनुसंधान निवेश, पेटेंट, ज्ञान सृजन, और स्टार्टअप इकोसिस्टम का मूल्यांकन करता है। भारत का...