अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
Custodial Deaths in Rajasthan: Police Reforms, Human Rights, and Administrative Accountability | UPSC Perspective
राजस्थान में हिरासत में मौतें: लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए चेतावनी की घंटी अगस्त 2023 से अगस्त 2025 के बीच राजस्थान में पुलिस हिरासत में 20 मौतें दर्ज की गईं। यह केवल एक संख्या नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है जो नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है। राज्य विधानसभा में कांग्रेस विधायक रफीक खान के सवाल पर प्रस्तुत रिपोर्ट ने पुलिस तंत्र, मानवाधिकार और शासन की संवेदनशीलता पर गहरी बहस छेड़ दी है। यह सवाल अब केवल राजस्थान का नहीं, बल्कि पूरे देश की लोकतांत्रिक विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है। रिपोर्ट का संकेत: आंकड़ों के पीछे की तस्वीर रिपोर्ट में बताया गया: 6 मौतें आत्महत्या से जुड़ीं। 12 मौतें स्वास्थ्य समस्याओं , जिनमें 6 हृदयाघात से हुईं। 2 मौतें अस्पष्ट कारणों से हुईं। ये तथ्य दर्शाते हैं कि पुलिस लॉकअप में बंद लोगों के लिए मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की स्थिति अत्यंत दयनीय है। आत्महत्या यह इंगित करती है कि हिरासत एक मनोवैज्ञानिक यातना का स्थल बन चुकी है, जबकि स्वास्थ्य संबंधी मौतें यह दर्शाती हैं कि बुनियादी चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं। न्यायपालि...