अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
अहमदाबाद को 2030 शताब्दी राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी: वैश्विक खेल परिदृश्य और भारतीय विरासत के लिए ऐतिहासिक क्षण प्रस्तावना राष्ट्रमंडल खेल—जो विभिन्न सांस्कृतिक, भौगोलिक और आर्थिक पृष्ठभूमि वाले 70 से अधिक सदस्य देशों को एक मंच पर लाते हैं—दुनिया के सबसे बड़े बहु-खेल आयोजनों में से एक हैं। 1930 में ब्रिटिश एम्पायर गेम्स के रूप में आरंभ हुआ यह आयोजन आज एक ऐसी परंपरा बन चुका है, जिसमें खेल उत्कृष्टता, पारस्परिक सहयोग और वैश्विक एकता का अनूठा संगम दिखाई देता है। 26 नवंबर 2025 को 74 सदस्य देशों की राष्ट्रमंडल खेल महासभा ने भारत के अहमदाबाद को 2030 शताब्दी राष्ट्रमंडल खेलों के आधिकारिक मेजबान के रूप में चुनकर इतिहास रचा। सौ वर्ष पूरे होने वाले इस विशेष संस्करण की कमान भारत को मिलना न केवल एक अंतरराष्ट्रीय मान्यता है, बल्कि इस बात का प्रमाण भी है कि भारत वैश्विक खेल प्रशासन, अवसंरचना और आयोजन क्षमता के क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति स्थापित कर चुका है। ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य: 100 वर्षों की यात्रा 1930 के हैमिल्टन (कनाडा) से शुरू होकर केवल 11 देशों और 6 खेलों तक सीमित यह आयोजन आज एक सम...