अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और वेनेज़ुएला की प्रतिक्रिया: एक सामरिक विश्लेषण परिचय दक्षिण अमेरिका का ऊर्जा-संपन्न राष्ट्र वेनेज़ुएला पिछले एक दशक से राजनीतिक उथल-पुथल, आर्थिक गिरावट और बाहरी हस्तक्षेप के आरोपों के बीच घिरा हुआ है। हाल ही में, संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कैरिबियन और पूर्वी प्रशांत में कथित ड्रग-तस्करी नौकाओं पर की गई सैन्य कार्रवाइयों ने इस संकट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और गंभीर बना दिया है। इन हमलों में कई लोगों की मौत हुई और ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया कि नौसैनिक हमलों का दायरा आगे चलकर वेनेज़ुएला की भूमि तक भी पहुँच सकता है। इसके जवाब में, वेनेज़ुएला की राष्ट्रीय सभा ने इन घटनाओं की जांच के लिए एक विशेष आयोग गठित किया है, जिसने इसे राष्ट्र की संप्रभुता पर सीधा हमला बताते हुए “कठोर और गहन जांच” की घोषणा की है। ऐसे समय में, अमेरिकी सैन्य शक्ति और वेनेज़ुएला की क्षमताओं का तुलनात्मक विश्लेषण करना आवश्यक हो जाता है, ताकि संभावित परिदृश्यों को समझा जा सके। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का संदर्भ अमेरिका लंबे समय से वेनेज़ुएला सरकार पर ड्रग तस्करी मे...