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End of Hereditary Peers in the House of Lords: A Historic Reform in British Parliamentary Democracy

हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...

India Becomes the World’s 4th Largest Economy: Overtakes Japan, Closes Gap with Germany

भारत की अर्थव्यवस्था: जापान को पीछे छोड़कर विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना प्रस्तावना 31 दिसंबर 2025 भारत की आर्थिक यात्रा के इतिहास में एक उल्लेखनीय पड़ाव के रूप में दर्ज हो गया। सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारत की नाममात्र सकल घरेलू उत्पाद (Nominal GDP) $4.18 ट्रिलियन के स्तर पर पहुँच गई है, जिसके साथ ही भारत ने जापान को पीछे छोड़कर विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान प्राप्त कर लिया। यह उपलब्धि संयोग नहीं, बल्कि लगभग एक दशक से जारी नीतिगत सुधारों, मजबूत घरेलू मांग, स्थिर मैक्रो-प्रबंधन और उद्यमशील ऊर्जा का परिणाम है। अंतरराष्ट्रीय संस्थानों, विशेषकर IMF के पूर्वानुमानों ने भी संकेत दिया था कि संरचनात्मक सुस्ती और मुद्रा-दबाव से जूझ रही जापानी अर्थव्यवस्था की तुलना में भारत की वृद्धि तेज बनी रहेगी। इस संदर्भ में 2025 को वास्तव में एक “परिभाषित वर्ष” कहा जा सकता है। वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की वर्तमान स्थिति 2025 के अंत तक नाममात्र GDP के आधार पर वैश्विक परिदृश्य broadly इस प्रकार उभरता है— संयुक्त राज्य अमेरिका — लगभग $30.5 ट्रिलियन चीन — लगभग $...

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