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पाकिस्तान में सैन्य संरचना का पुनर्गठन: जनरल सैयद आसिम मुनीर और शक्ति के केंद्रीकरण की नई परिघटना भूमिका: सुरक्षा सुधार या संवैधानिक सैन्यीकरण? दिसंबर 2025 में पाकिस्तान ने अपनी सैन्य-संवैधानिक संरचना में ऐसा परिवर्तन किया है, जिसने देश के सिविल-मिलिट्री संतुलन पर नई बहस छेड़ दी है। सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर को “चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस (CDF)” के रूप में नियुक्त किया जाना केवल एक प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि पाकिस्तान के राजनीतिक इतिहास में शक्ति के केंद्रीकरण की एक निर्णायक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। 27वें संविधान संशोधन के माध्यम से अनुच्छेद 243 में किए गए बदलावों ने थलसेना, वायुसेना और नौसेना—तीनों को एक ही सैन्य नेतृत्व के अधीन ला दिया है। जहाँ सरकार इसे आधुनिक युद्ध की आवश्यकताओं के अनुरूप इंटीग्रेटेड कमांड स्ट्रक्चर बताती है, वहीं आलोचक इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं के क्षरण और सैन्य वर्चस्व के संवैधानिक स्थायीकरण के रूप में देख रहे हैं। ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य: सेना और सत्ता का सहजीवी संबंध पाकिस्तान का इतिहास इस तथ्य का साक्षी रहा है कि वहाँ सेना केवल एक सुरक्षा...