अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
🟢 Project Cheetah Update 2025: India Imports 8 Cheetahs from Botswana, Total 20 in Kuno National Park
प्रोजेक्ट चीता का नवीन अध्याय (दिसंबर 2025): बोत्सवाना से 8 नए चीते, कूनो में कुल संख्या 20 परिचय भारत का ‘प्रोजेक्ट चीता’ विश्व के सबसे अनोखे वन्यजीव पुनर्वास अभियानों में से एक है, जिसका उद्देश्य विलुप्त हो चुके एशियाई चीते की वापसी सुनिश्चित करना है। दिसंबर 2025 में इस परियोजना ने एक नया पड़ाव पार करेगा जब बोत्सवाना से 8 और चीते भारत लाए जायेंगे , जिससे मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (KNP) में चीतों की कुल संख्या 28 हो जाएगी। यह कदम भारत के जैव-विविधता पुनर्स्थापन और पारिस्थितिक संतुलन की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण प्रगति के रूप में देखा जा रहा है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: विलुप्ति से पुनर्वास तक का सफर भारत में चीता (Acinonyx jubatus) 1952 में आधिकारिक रूप से विलुप्त घोषित कर दिया गया था। आख़िरी एशियाई चीते मध्य प्रदेश के कोरिया जिले (अब छत्तीसगढ़) में देखे गए थे। पिछले कुछ दशकों में भारत सरकार और वन्यजीव विशेषज्ञों ने लंबे अध्ययन और अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं के बाद अफ्रीकी चीतों को भारत में बसाने की योजना को रूप दिया। प्रोजेक्ट चीता की औपचारिक शुरुआत 17 सितंबर 2022 को प्रध...