अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
दिल्ली के लाल किले मेट्रो स्टेशन के निकट कार विस्फोट: ट्रांसनेशनल आतंकी नेटवर्क की परतें खुलती हुईं (अपडेटेड-12 नवंबर 2025) सारांश 10 नवंबर 2025 की शाम जब दिल्ली त्योहार की रौशनी में नहा रही थी, तभी लाल किले मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास हुई एक कार विस्फोट ने राष्ट्रीय राजधानी को दहला दिया। इस हमले में 13 लोगों की मौत हुई और 20 से अधिक घायल हुए। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आतंकी षड्यंत्र था — जो जम्मू-कश्मीर से जुड़े एक ट्रांसनेशनल नेटवर्क से संचालित हो रहा था। संदिग्ध चालक उमर नबी भट, जो पुलवामा का निवासी और फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर था, फरार बताया जा रहा है। यह घटना न केवल दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर प्रश्न उठाती है, बल्कि भारत की आंतरिक सुरक्षा, साइबर-प्रचार आधारित रेडिकलाइजेशन, और सीमा-पार आतंकवाद के नए स्वरूपों की गहराई को भी उजागर करती है। परिचय भारत की राजधानी दिल्ली – जहाँ इतिहास और आधुनिकता एक साथ सांस लेते हैं – बार-बार आतंकी संगठनों के निशाने पर रही है। लाल किला, जो स्वतंत्रता संग्राम का प्र...