हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
भारत आदत सूचकांक (India Habit Index): एक शैक्षणिक विश्लेषण (A Scholarly Analysis of India Habit Index) भारत एक विशाल, विविधतापूर्ण एवं गतिशील समाज है, जहाँ जीवनशैली और दैनिक आदतें तेज़ी से बदल रही हैं। ऐसे दौर में भारतीय नागरिकों की बदलती प्रवृत्तियों, व्यवहारिक पैटर्न और सामाजिक मूल्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण नितांत आवश्यक हो जाता है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए टाइम्स ऑफ इंडिया समूह द्वारा “इंडिया हैबिट इंडेक्स” की पहल की गई है—एक ऐसा संगठित सर्वेक्षण जो भारत की आदतों को सरल निरीक्षण से आगे बढ़कर डेटा-आधारित सामाजिक विज्ञान के दायरे में लाता है। 1. प्रस्तावना: आदतों का अध्ययन क्यों महत्वपूर्ण है? किसी भी समाज की आदतें उसके सांस्कृतिक स्वरूप, आर्थिक स्थितियों, शिक्षा स्तर, स्वास्थ्य जागरूकता और तकनीकी सहभागिता का दर्पण होती हैं। जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ इन्हें बीमारियों के सामाजिक निर्धारक (social determinants) मानते हैं। समाजशास्त्री इनसे वर्ग, आयु, क्षेत्र और परिवार संरचना में बदलाव को समझते हैं। नीति-निर्माता इन्हीं आदतों के आधार पर व्यवहार-परिवर्तन अभियानों (Behaviour...