अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
दिल्ली हाई कोर्ट का ऐश्वर्या राय बच्चन मामले में फैसला: व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा में एक मील का पत्थर प्रस्तावना दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन के व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) के अनधिकृत व्यावसायिक और ऑनलाइन शोषण के खिलाफ महत्वपूर्ण और दूरगामी असर वाले दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह फैसला केवल एक सेलिब्रिटी के कानूनी अधिकार की सुरक्षा तक सीमित नहीं है; यह डिजिटल युग में निजता, गरिमा, और व्यक्तिगत पहचान की रक्षा की दिशा में भारतीय न्यायपालिका का सक्रिय रुख दर्शाता है। यूपीएससी के दृष्टिकोण से यह मामला संवैधानिक अधिकार , साइबर गवर्नेंस , बौद्धिक संपदा , और सामाजिक-आर्थिक न्याय —इन चार आयामों का संगम है। 1. संवैधानिक और कानूनी परिप्रेक्ष्य अनुच्छेद 21 : जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की गारंटी देता है। पुट्टस्वामी (2017) के ऐतिहासिक फैसले ने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी। व्यक्तित्व अधिकार : व्यक्ति के नाम, छवि, आवाज और अन्य विशिष्ट पहचान के अनधिकृत उपयोग को रोकने का अधिकार। विद्यमान ढांचा : कॉपीराइट अधि...