अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
रसायन विज्ञान के नोबेल से पर्यावरण संरक्षण की नई उम्मीद 2025 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार तीन वैज्ञानिकों — सुसुमु कितागावा, रिचर्ड रॉबसन और ओमार एम. याघी — को मिला है। इन तीनों को यह सम्मान मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क (Metal-Organic Frameworks – MOFs) पर किए गए उनके अद्वितीय शोध कार्य के लिए दिया गया है। यह खोज न केवल रसायन विज्ञान की दुनिया में एक बड़ा कदम है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संकट से निपटने के लिए एक नई उम्मीद भी लेकर आई है। 🔬 क्या हैं मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क (MOFs)? MOFs को आप “ आणविक स्पंज ” कह सकते हैं। ये सूक्ष्म स्तर पर ऐसे ढाँचे होते हैं जिनमें छोटे-छोटे छिद्र (pores) बने होते हैं। ये छिद्र गैसों और रसायनों को पकड़कर संग्रहित कर सकते हैं। उदाहरण के लिए — कार्बन डाइऑक्साइड, मिथेन या यहाँ तक कि ‘फॉरएवर केमिकल्स’ (PFAS) जैसे हानिकारक रासायनिक तत्वों को भी ये फँसाकर निष्क्रिय कर सकते हैं। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि बिजली संयंत्रों और फैक्ट्रियों से निकलने वाली ग्रीनहाउस गैसों को रोका जा सकता है, जिससे वैश्विक तापमान वृद्धि को कम करने में मदद मिल सकती है।...