हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
Sheikh Hasina Exclusive Interview: Exile, Bangladesh’s Political Turmoil, and Her Vision for Democratic Restoration
शेख हसीना का विशेष साक्षात्कार: बांग्लादेश की राजनीतिक उथल-पुथल, निर्वासन और भविष्य की आकांक्षाएँ प्रस्तावना बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने द इंडियन एक्सप्रेस को दिए गए हालिया विशेष साक्षात्कार में अपने निर्वासन , राजनीतिक संकट , भ्रष्टाचार के आरोपों , और भविष्य की आकांक्षाओं पर बेबाकी से विचार रखे। अगस्त 2024 में छात्र आंदोलनों की हिंसक लहर के बाद सत्ता से बेदखल होकर भारत में शरण लेने वाली हसीना ने इस साक्षात्कार में स्वयं को न केवल एक “निर्वासित नेता” के रूप में प्रस्तुत किया, बल्कि बांग्लादेश के लोकतांत्रिक भविष्य की एक प्रतीक के रूप में भी चित्रित किया। उनकी बातचीत इस बात का प्रमाण है कि दक्षिण एशिया में लोकतंत्र की जड़ें अब भी राजनीतिक प्रतिशोध, संस्थागत अस्थिरता और जन-आंदोलनों की तीव्रता के बीच असुरक्षित हैं। यह साक्षात्कार केवल एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि एक युगीन आत्मस्वीकृति है — एक ऐसे नेता की जो स्वयं को इतिहास के कठघरे में खड़ा देख रही हैं। न्यायिक जांच समिति का विघटन: हसीना की सबसे बड़ी पीड़ा साक्षात्कार का सबसे अहम बिंदु था — न्यायिक जांच समिति ...