अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
भारत-कनाडा संबंध 2025: निज्जर हत्याकांड की छाया में एक नया अध्याय परिचय कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद की अक्टूबर 2025 की भारत यात्रा ने दोनों देशों के बीच संबंधों में एक नया मोड़ लाया। यह यात्रा दो साल में पहली उच्च-स्तरीय मुलाकात थी, जो तनाव के बाद सुलह और सहयोग की दिशा में एक कदम थी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ मिलकर एक संयुक्त बयान जारी हुआ, जिसमें व्यापार, निवेश, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ऊर्जा, और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में एक नया रास्ता तैयार करने की बात कही गई। यह कदम 2023 में सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद उत्पन्न तनाव के बाद आया, जो अब भी संबंधों पर छाया हुआ है। यह लेख इस यात्रा के महत्व, खालिस्तानी मुद्दे की चुनौतियों, और भारत-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता पर इसके प्रभाव को समझने की कोशिश करता है। पृष्ठभूमि: टकराव से साझेदारी की ओर भारत और कनाडा, दोनों राष्ट्रमंडल देश, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और आर्थिक हितों से जुड़े हैं। व्यापार, ऊर्जा, और तकनीक के क्षेत्र में दोनों देश एक-दूसरे के लिए महत्वपूर्ण हैं। लेकिन 2023 में निज्जर की हत्या ने इन संबंधों को ...