हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
“मोल्दोवा चुनाव 2025: प्रो-यूरोपीय संघ की ऐतिहासिक जीत और रूस से दूरी की नई दिशा” पूर्वी यूरोप के छोटे मगर रणनीतिक रूप से अहम देश मोल्दोवा ने अपने हालिया संसदीय चुनाव में इतिहास रच दिया। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रो-यूरोपीय संघ (EU) सत्तारूढ़ पार्टी ने रूस-समर्थित प्रतिद्वंद्वियों को हराकर स्पष्ट जनादेश हासिल किया है। यह सिर्फ चुनावी नतीजा नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक दिशा तय करने वाला निर्णय है — जो दर्शाता है कि मोल्दोवा अब रूस के प्रभाव क्षेत्र से निकलकर यूरोपीय परिवार का हिस्सा बनने की ओर बढ़ रहा है। एक भू-राजनीतिक ‘टर्निंग प्वाइंट’ सोवियत विघटन के बाद से मोल्दोवा एक ऐसा देश रहा है जो दो ध्रुवों के बीच झूलता रहा — रूस और यूरोप। ट्रांसनिस्ट्रिया जैसे अलगाववादी क्षेत्रों में रूसी सैनिक मौजूद हैं, वहीं दूसरी ओर मोल्दोवा की नई पीढ़ी यूरोपीय लोकतांत्रिक मूल्यों और खुले बाजार की ओर झुकाव रखती है। यह चुनाव इस लंबे खिंचाव वाले रस्साकशी का निर्णायक मोड़ है। जनादेश का संदेश: सुधार, पारदर्शिता और लोकतंत्र राष्ट्रपति माइया सांडू के नेतृत्व में भ्रष्टाचार पर अंकुश, न्यायिक सुधार और प्रशा...