हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
Lucknow Declared UNESCO Creative City of Gastronomy: Reviving Awadhi Cuisine and Heritage on the Global Stage
लखनऊ: यूनेस्को द्वारा ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ की मान्यता प्रस्तावना अवध की रसोई, उसकी तहज़ीब और स्वाद की नफ़ासत अब विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कर चुकी है। लखनऊ , जिसे नवाबी शान, शेरो-शायरी और सांस्कृतिक परिष्कार के लिए जाना जाता है, अब यूनेस्को की “क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी” के रूप में विश्व मानचित्र पर दर्ज हो गया है। 31 अक्टूबर 2025 को विश्व नगरीय दिवस के अवसर पर उज़्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित यूनेस्को महासभा के 43वें सत्र में यह घोषणा की गई। यह उपलब्धि न केवल लखनऊ की पाक परंपरा की समृद्धि को रेखांकित करती है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता को भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान देती है। अवधी पाककला की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि लखनऊ की पाक विरासत अवध के नवाबी युग से आरंभ होती है, जब स्वाद, सौंदर्य और सलीके को एक कला का रूप दे दिया गया था। अवधी व्यंजन मुग़ल, फ़ारसी, तुर्की और स्थानीय उत्तर भारतीय परंपराओं का अद्भुत संगम हैं। दमपोख्त , क़ोरमा , कबाब , बिरयानी , शीरमाल और निहारी जैसे व्यंजन केवल भोजन नहीं, बल्कि संस्कृति के जीवंत प्रतीक हैं। अवधी रसोई की आत्मा उसकी ‘दम’ त...