अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
भारत में नवीकरणीय ऊर्जा की तेज़ बढ़त: तीन वर्षों में रिकॉर्ड वृद्धि, चुनौतियाँ और अवसर प्रस्तावना भारत के ऊर्जा परिदृश्य में नवीकरणीय स्रोतों का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में जारी आँकड़ों के अनुसार, 2025 की पहली छमाही में नवीकरणीय विद्युत उत्पादन में पिछले तीन वर्षों की तुलना में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। यह सिर्फ़ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि भारत के ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जलवायु प्रतिबद्धताओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है। इस निबंध में हम इस वृद्धि के कारण, प्रभाव और चुनौतियों का विश्लेषण करेंगे। ऊर्जा परिदृश्य: नवीनतम तथ्य जनवरी–जून 2025 के बीच नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में 24.4% वृद्धि हुई। नॉन-हाइड्रो नवीकरणीय स्रोतों (सौर, पवन, बायो आदि) की हिस्सेदारी राष्ट्रीय बिजली उत्पादन में 17% से अधिक हो गई। कोयला आधारित उत्पादन में 3% गिरावट आई। 2025 में 32 GW नई नवीकरणीय क्षमता जोड़ने की उम्मीद है। (स्रोत: Reuters, 1 जुलाई 2025) वृद्धि के प्रमुख कारण 1. सरकारी नीति और लक्ष्य भारत ने 2030 तक 500 GW गैर-फॉसिल क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके...