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End of Hereditary Peers in the House of Lords: A Historic Reform in British Parliamentary Democracy

हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...

Taliban’s New Criminal Code and Domestic Violence in Afghanistan: An Academic Human Rights Analysis

तालिबान-शासित अफगानिस्तान में घरेलू हिंसा को लेकर नए नियम: एक अकादमिक विश्लेषण परिचय अगस्त 2021 में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद अफगानिस्तान में कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक ढांचे में गहन परिवर्तन देखने को मिले हैं। इन परिवर्तनों का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं और बच्चों पर पड़ा है, जहां शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक जीवन में भागीदारी पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। इसी संदर्भ में, जनवरी 2026 में तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने एक नई आपराधिक प्रक्रिया संहिता (Criminal Procedural Regulations for Courts) पर हस्ताक्षर किए, जो 10 अध्यायों और 119 अनुच्छेदों में विभाजित है। इसे अनौपचारिक रूप से “Penal Principles of Taliban Courts” कहा जा रहा है। यह संहिता केवल न्यायिक प्रक्रिया को परिभाषित नहीं करती, बल्कि तालिबान की वैचारिक और पितृसत्तात्मक दृष्टि को विधिक रूप प्रदान करती है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, यह संहिता घरेलू हिंसा को “सीमित वैधता” प्रदान करती है और महिलाओं को अधीनस्थ सामाजिक इकाई के रूप में स्थापित करती है। यह लेख संहिता के प्रमुख प्रावधानों, उनके...

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