अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
ट्रम्प प्रशासन द्वारा अफगान विशेष आप्रवासन कार्यक्रम की अस्थायी रोकः सुरक्षा-आप्रवासन के द्वंद्व और अमेरिकी नीतिगत विश्वसनीयता का संकट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही विदेश विभाग ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने न केवल अमेरिका की आप्रवासन नीति, बल्कि उसके 20-वर्षीय अफगान मिशन से जुड़े नैतिक वादों पर भी गहरी बहस छेड़ दी है। एक गोपनीय केबल, जिसकी जानकारी मीडिया में लीक हुई, बताती है कि विश्वभर के अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को अफगान नागरिकों—विशेष रूप से पूर्व अमेरिकी सहयोगियों—के वीज़ा आवेदन तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश दिया गया है। इस रोक का सीधा असर उस Special Immigrant Visa (SIV) कार्यक्रम पर पड़ता है, जिसे 2009 में उन अफगान दुभाषियों, चालकों, सुरक्षा कर्मियों और अन्य सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया था, जिन्होंने अमेरिकी बलों के साथ काम कर अपनी जान जोखिम में डाली थी। इस अचानक लागू किए गए आदेश की पृष्ठभूमि वाशिंगटन डी.सी. में नवंबर 2025 में हुई एक गोलीबारी की घटना बताई जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, हमले में शामिल...