अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
Thailand-Cambodia Border Dispute and Suspension of the Kuala Lumpur Accord: A Blow to Southeast Asia’s Fragile Peace
थाईलैंड–कंबोडिया सीमा विवाद और कुआलालंपुर समझौते का निलंबन: दक्षिण–पूर्व एशिया की अस्थिर शांति पर प्रश्न प्रस्तावना दक्षिण–पूर्व एशिया लंबे समय से भू–राजनीतिक तनावों, सीमाई विवादों और शक्ति–संतुलन की राजनीति का केंद्र रहा है। इस परिदृश्य में थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद एक पुरानी लेकिन लगातार सुलगती हुई समस्या है, जिसने बार–बार क्षेत्रीय स्थिरता को चुनौती दी है। हाल ही में थाईलैंड द्वारा कुआलालंपुर समझौते (Kuala Lumpur Accord) को निलंबित करने का निर्णय इस विवाद को पुनः अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में ले आया है। यह वही समझौता था, जो मलेशिया और अमेरिका की मध्यस्थता में कुछ सप्ताह पहले ही दोनों देशों के बीच युद्धविराम और सीमाई तनाव को समाप्त करने के उद्देश्य से संपन्न हुआ था। विवाद की पृष्ठभूमि थाईलैंड और कंबोडिया के बीच लगभग 800 किलोमीटर लंबी सीमा 20वीं शताब्दी की औपनिवेशिक विरासत से उपजी जटिलताओं का परिणाम है। विशेष रूप से प्रीह विहार मंदिर (Preah Vihear Temple) और उसके आसपास का इलाका दोनों देशों के लिए संवेदनशील और प्रतीकात्मक महत्व रखता है। 1962 में अंतरराष्ट्रीय...