राजनीति शास्त्र (Polity & Political Science) की तैयारी को बनाएं आसान और सटीक! क्या आप UPSC, State PCS, UGC NET, PGT या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं? सही मार्गदर्शन और बेहतरीन स्टडी मटेरियल के लिए विजिट करें: 🌐 www.politypoint.com Polity Point ही क्यों चुनें? विस्तृत एवं सरल नोट्स: भारतीय संविधान, राजव्यवस्था और राजनीतिक सिद्धांत की आसान भाषा में समझ। परीक्षा-उन्मुख सामग्री: पिछले वर्षों के प्रश्नों (PYQs) का विश्लेषण और ट्रेंड के अनुसार स्टडी मटेरियल। क्विज़ और टेस्ट सीरीज़: अपनी तैयारी का सही आकलन करने के लिए नियमित अभ्यास प्रश्न। करंट अफेयर्स से जुड़ाव: राजव्यवस्था से जुड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का सटीक कवरेज। 🎯 आज ही अपनी सफलता की नींव रखें! अभ्यास शुरू करने और अपनी तैयारी को अगली स्तर पर ले जाने के लिए अभी वेबसाइट पर जाएँ: 👉 www.politypoint.com (स्मार्ट स्टडी करें, सफलता हासिल करें!)
Is International Law Dying? Russia’s Reaction to US–Israel Strikes on Iran and the Crisis of the Global Order
अंतरराष्ट्रीय कानून की “मृत्यु” का प्रश्न: ईरान पर अमेरिका–इज़रायल हमलों के बाद रूस के बयान का वैश्विक संदर्भ प्रस्तावना द्वितीय विश्व युद्ध के बाद स्थापित वैश्विक व्यवस्था का मूल आधार यह था कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नियमों और संस्थाओं के माध्यम से नियंत्रित किया जाएगा , न कि केवल शक्ति के बल पर। 1945 में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के साथ जिस “नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था” की कल्पना की गई थी, उसका उद्देश्य था—युद्ध की पुनरावृत्ति रोकना, राष्ट्रों की संप्रभुता की रक्षा करना और वैश्विक शांति को संस्थागत आधार देना। किन्तु 2026 में ईरान पर अमेरिका और इज़रायल द्वारा किए गए संयुक्त सैन्य हमलों के बाद इस व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। इसी संदर्भ में रूस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून “व्यवहारिक रूप से मृत” हो चुका है । क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव का यह बयान केवल एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं था, बल्कि उसने वैश्विक शासन की संरचना और उसकी सीमाओं पर व्यापक बहस को जन्म दिया। यह प्रश्न केवल ईरान या पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं ...