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अमेरिका-ईरान परमाणु समझौता: सीजफायर के बाद ट्रंप का दावा—ईरान सौंप सकता है संवर्धित यूरेनियम अप्रैल 2026 के इस जटिल भू-राजनीतिक परिदृश्य में मध्य पूर्व एक बार फिर वैश्विक शक्ति-संतुलन की कसौटी बनकर उभरा है। लगभग दो महीने तक चले अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच भीषण संघर्ष, उसके बाद घोषित दो सप्ताह के अस्थायी संघर्षविराम, और अब उसके समाप्त होते ही उभरते नए दावे—ये सभी घटनाएं केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति की दिशा तय करने वाली हैं। इसी संदर्भ में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किया गया “न्यूक्लियर डस्ट” संबंधी दावा चर्चा के केंद्र में है, जिसने कूटनीति, सुरक्षा और परमाणु राजनीति के नए आयाम खोल दिए हैं। “न्यूक्लियर डस्ट” का अर्थ और राजनीतिक संकेत ट्रंप द्वारा प्रयुक्त शब्द “न्यूक्लियर डस्ट” कोई तकनीकी शब्द नहीं है, बल्कि यह एक राजनीतिक अभिव्यक्ति प्रतीत होती है। इसका आशय ईरान के उस संवर्धित यूरेनियम भंडार से है, जो उसकी परमाणु क्षमता का मूल आधार रहा है। यदि वास्तव में ईरान इस सामग्री को सौंपने के लिए सहमत हुआ है, तो यह केवल एक सामरिक समझौता नहीं, बल्कि उसकी परमाणु नीति में एक ऐतिहासिक म...