हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
दक्षिण अफ़्रीका G20 शिखर सम्मेलन, अमेरिका की अनुपस्थिति और जलवायु घोषणापत्र: एक व्यापक विश्लेषण दक्षिण अफ़्रीका में 22-23 नवंबर 2025 को संपन्न G20 नेताओं का शिखर सम्मेलन वैश्विक जलवायु शासन और बहुपक्षीय सहयोग में एक निर्णायक मोड़ सिद्ध हुआ। इस सम्मेलन में पारित जलवायु घोषणापत्र न केवल अपने महत्वाकांक्षी प्रावधानों के कारण ऐतिहासिक है, बल्कि इसलिए भी कि इसे संयुक्त राज्य अमेरिका की भागीदारी, समर्थन या सहमति के बिना अपनाया गया। अमेरिकी प्रशासन ने इस कदम को “शर्मनाक” कहकर खारिज किया, जबकि दक्षिण अफ़्रीका ने स्पष्ट कर दिया कि घोषणापत्र की भाषा पर किसी प्रकार की पुनर्विचार प्रक्रिया संभव नहीं है। यह स्थिति ट्रम्प प्रशासन के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका की जलवायु कूटनीति से पीछे हटने की प्रवृत्ति को उजागर करती है और यह भी संकेत देती है कि वैश्विक शक्ति-संतुलन अब नए भू-राजनीतिक ढांचे की ओर बढ़ रहा है। 1. घोषणापत्र की प्रमुख विशेषताएँ दक्षिण अफ़्रीका G20 घोषणापत्र को जलवायु कार्रवाई की दृष्टि से अभूतपूर्व माना जा रहा है। इसकी मुख्य विशेषताएँ हैं: • जलवायु संकट को अस्तित्वगत खतरा घोषित करना...