अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
भारत की स्वदेशी रक्षा शक्ति में ऐतिहासिक छलांग: MPATGM मिसाइल का सफल परीक्षण 11 जनवरी 2026 भारतीय रक्षा इतिहास के लिए एक यादगार दिन बन गया, जब रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने महाराष्ट्र के अहिल्या नगर स्थित KK रेंज में तीसरी पीढ़ी की मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) का सफल फ्लाइट परीक्षण किया। यह परीक्षण एक चलते हुए टैंक-नुमा लक्ष्य पर “टॉप-अटैक” मोड में किया गया, जिसने इस मिसाइल की आधुनिक युद्धक्षेत्र के अनुरूप क्षमता को प्रमाणित कर दिया। यह उपलब्धि केवल एक तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की रक्षा यात्रा में एक मजबूत कदम है, जो भारत को उन्नत हथियार प्रणालियों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाता है। परीक्षण का परिदृश्य और वैज्ञानिक उपलब्धि इस परीक्षण का नेतृत्व DRDO की डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (DRDL), हैदराबाद ने किया। लक्ष्य के रूप में डिफेंस लेबोरेटरी, जोधपुर द्वारा विकसित एक थर्मल टारगेट सिस्टम का उपयोग किया गया, जो वास्तविक टैंक की तरह गर्मी उत्सर्जन करता है और गति में भी रहता है। मिसाइल ने लक्ष्य को पहचान कर स्वत...