अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
नैतिकता (Ethics) का अर्थ एवं व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन में महत्ता परिचय नैतिकता (Ethics) वह सिद्धांतों और मूल्यों का समूह है जो यह निर्धारित करता है कि किसी व्यक्ति, समाज या संस्था के लिए क्या सही और क्या गलत है। नैतिकता का आधार मूल रूप से सत्य, ईमानदारी, निष्पक्षता, करुणा, और कर्तव्यपरायणता जैसे गुण होते हैं। यह एक व्यक्ति के जीवन के हर पहलू को प्रभावित करती है, चाहे वह व्यक्तिगत जीवन हो या सार्वजनिक क्षेत्र। आज के वैश्विक और जटिल समाज में नैतिकता का महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि नैतिक मूल्यों के बिना समाज में अराजकता, भ्रष्टाचार और अन्याय जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए, नैतिकता का पालन न केवल एक अच्छे व्यक्ति के निर्माण में सहायक होता है, बल्कि यह एक सशक्त और पारदर्शी प्रशासन का भी आधार बनता है। नैतिकता (Ethics) की परिभाषा और प्रकृति नैतिकता को विभिन्न दार्शनिकों और विद्वानों ने अलग-अलग तरीकों से परिभाषित किया है: 1. अरस्तू (Aristotle): नैतिकता व्यक्ति के चरित्र और गुणों से संबंधित होती है। उनका मानना था कि एक नैतिक व्यक्ति को "सुनहरा मध्य मार्ग" (Golden Mea...